जन्माष्टमी : तैयारियां जोरों पर, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति ने दी बधाई (राउंडअप)
इस अवसर पर उप राष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देशवासियों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में जन्माष्टमी के पर्व को भगवान कृष्ण की शिक्षाओं-अनुशासन, ज्ञान और नि:स्वार्थ भाव से कार्य करने का उत्सव है।
उप राष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने जन्माष्टमी के अवसर पर बुधवार को देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देशभर में पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाने वाला जन्माष्टमी का पावन पर्व हमें भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं और उपदेशों की याद दिलाता है।
भगवान कृष्ण के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाने वाला यह त्योहार सूर्यपुत्री यमुना के उद्गम स्थल यमुनोत्री धाम पर बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यहां दिनभर भजन कीर्तन का आयोजन होगा और शाम को विशेष पूजा होगी।
मुंबई और उसके आस-पास के शहरों में इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से जुड़े लोकप्रिय खेल दही हांडी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कई स्थानों पर तो इसके लिए 25 लाख रुपये तक का पुरस्कार रखा गया है जबकि पिछले साल स्वाइन फ्लू फैलने के कारण यहां इस त्योहार का जश्न फीका रहा था।
सामान्य तौर पर जन्माष्टमी के दूसरे दिन दही हांडी उत्सव मनाया जाता है। इस विशेष आयोजन में दूध, दही, सूखे मेवे और घी से भरी एक मटकी को 20 से 30 फुट की ऊंचाई पर लटकाया जाता है और गोविंदाओं को इस तक पहुंचकर इसे हासिल करना होता है।
वृंदावन, मथुरा और आगरा में जन्माष्टमी पर्व मनाने के लिए उत्साहित श्रद्धालु घाटों पर जमा हो गए हैं। मथुरा में जिला अधिकारियों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि और उसके आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। जन्माष्टमी के मुख्य समारोह यहीं होते हैं। इस अवसर पर एक लाख भक्त पहले ही मथुरा पहुंच गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए विशेष रेलगाड़ियां चलाई जा रही हैं।
पटना सहित बिहार के अधिकांश मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है। बाजारों में भी चहल-पहल देखी जा रही है। पटना के रामजान का चौराहा स्थित राधा-कृष्ण और भगवान जगन्नाथ मंदिर में जन्मोत्सव की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं।
इसके अलावा राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद तथा मुंगेर सहित कई जिलों में कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है। हिन्दु धर्म ग्रथों के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी व्रत की बड़ी महिमा बताई गई है।
उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ में डिजिटल झ्झांकी सजाई गई है। इस झांकी के लिए कोलकाता से मूर्तियां, कपड़े, चमकीली लाइटें व अन्य सजावटी सामान मंगाया गया है। झ्झांकी के आयोजक अनुपम मित्तल ने संवाददाताओं को बताया कि दो सिंतबर को झ्झांकी में कृष्ण जन्मोत्सव की सजीव प्रस्तुति दी जाएगी। मित्तल ने कहा कि रंग बिरंगी लाइटिंग इफेक्ट के साथ इस झ्झांकी को सजाने में कोलकाता के कारीगरों को करीब एक महीने का समय लगा है।
लखनऊ के अलावा कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, इलाहाबाद शहरों के कृष्णमंदिरों में कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लखनऊ के पुलिस लाइन की झ्झांकी में मथुरा के रामस्वरूप शर्मा की मंडली कृष्ण की लीला प्रस्तुत करेगी। सिरता श्रीवास्तव की निर्देशन में कथक नृत्य वाटिका की प्रस्तुति की जाएगी। यहां राज्यपाल बी. एल. जोशी भी मौजूद रहेंगे।
बहरहाल, मध्य प्रदेश में बुधवार को ही श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। तमाम मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों किए गए। मंदिरों में आकर्षक साज-सज्जा की गई। देवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, सागर सहित प्रदेश के अन्य शहरों में जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है। इस मौके पर जगह-जगह मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। भोपाल के नेहरू नगर में 51 फुट ऊंचाई पर लगी मटकी फोड़ी जाएगी। इस अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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