राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के लिए पक्ष-विपक्ष तैयार
जयपुर। राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र इस बार राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां एक ओर राज्य सरकार इस सत्र 5 से अधिक विधेयक पेश करने वाली है। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल भाजपा जनता से जुड़े मुद्दो पर सकारात्मक बहस करने और राज्य सरकार को घेरने की तैयारी में है। जाहिर है जब दोनों ओर की तैयारियां इतनी मजबूत हैं तो विधानसभा में छिड़ने वाली जंग भी खासी रोमांचक होगी।
करीब एक हफ्ते तक चलने वाले इस सत्र में पंचायतों को और अधिकार दिए जाने संबंधी विधेयक के साथ ही आधा दर्जन विधेयक लाए जाने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक शहरी निकायों के चुनाव नतीजों से गदगद विपक्षी भाजपा सदन में राज्य सरकार को पहले दिन से ही घेरने की रणनीति बना रही है। विपक्ष के कार्यवाहक नेता घनश्याम तिवाड़ी ने सोमवार को विधानसभा परिसर में ही विधायक दल की बैठक बुलाई है, जबकि सत्र की तैयारियों को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायक दल की बैठक मंगलवार को होगी।
दोनों पक्ष बिल्कुल तैयार
विपक्ष की अगुवाई करने का जिम्मा इस बार भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी के पास है। तिवाड़ी पहले ही कह चुके हैं कि सत्तारूढ़ सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर सदन में बहस से बचना चाहती है। लेकिन विपक्ष इन मुद्दों को ही बहस के प्रमुख मुद्दे बनाने वाला है। तिवारी के मुताबिक इस बार सूखा, अकाल और बिजली, पानी के संकट से जिस तरह जनता को परेशान होना पड़ा, इस पर सदन में सकारात्मक बहस होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ा है। यहां तक कि राजधानी जयुपर में भी पानी की कटौती करनी पड़ी। दूसरी ओर राज्य सरकार की तरफ से सत्र के दौरान करीब पांच विधेयक लाए जाने पर विचार किया जा रहा है। इनमें कृषि जोत संबंधी पूर्व के विधेयक सहित पंचायतों को अधिकार देने, उद्योग विभाग में एकल खिड़की प्रणाली लागू करने और शहरी निकायों से संबंधित विधेयक प्रमुख हैं।












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