राहुल में कोई करिश्मा नहीं : गडकरी (लीड-1)
भोपाल में चल रहे विधायकों के अभ्यास वर्ग में हिस्सा लेने आए गडकरी ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उत्तर प्रदेश व बिहार के पिछले विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी ने प्रचार किया था और नतीजे आपके सामने हैं। "यह बात अलग है कि राहुल के बीच आपको (मीडिया) न तो मैं नजर आता हूं और न ही हमारी पार्टी के नेता।"
गडकरी ने भोपाल गैस पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पहल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत की यात्रा पर आ रहे हैं इस दौरान प्रधानमंत्री को इस मसले पर उनसे चर्चा करना चाहिए। साथ ही पीड़ितों के लिए 5000 करोड़ की मदद मांगनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा और प्रदेश सरकार का गैस पीडितों की खातिर संघर्ष जारी रहेगा।
केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम द्वारा 'भगवा आतंकवाद' को नई चुनौती बताए जाने पर गडकरी ने कहा है कि 'भगवा आतंकवाद' जैसा कोई आतंकवाद नहीं होता। ऐसा कहना देश के बहुसंख्यक वर्ग की भावनाओं का अपमान है। जहां तक अभिनव भारत के लोगों के हिंसक गतिविधि में शामिल होने की बात है तो इस संगठन के लोगों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक तक की हत्या की साजिश रची थी।
उन्होंने आगे कहा कि जहां तक कांग्रेस के 'भगवा आतंकवाद' कहे जाने का सवाल है तो हकीकत यह है कि कांग्रेस वास्तविक आतंकवादियों का बचाने के लिए यह प्रचारित कर रही है।
पार्टी द्वारा आयोजित किए जाने वाले अभ्यास वर्गो की चर्चा करते हुए गडकरी ने कहा कि इन वर्गो के आयोजन का मकसद कार्यकर्ताओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। साथ ही उन्हें 21 वीं सदी के लिए तैयार करना है। उनका मानना है इन आयोजनों के जरिए पार्टी और कार्यकर्ता में गुणात्मक सुधार आएगा।
एक सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इन आयोजनों के जरिए कार्यकर्ताओं मे संगठनात्मक, प्रबंधन, राजनीतिक व सामाजिक दक्षता का विकास किया जा रहा है।
बिहार में जनता दल (युनाइटेड) और भाजपा के बीच चल रहे मतभेदों को खारिज करते हुए गडकरी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव दोनों दल मिलकर लड़ेंगे और सरकार बनाएंगे। इनता ही नहीं सीटों का बंटवारा भी आगामी 10 दिनों में हो जाएगा।
अयोध्या में राममंदिर बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय में है, लिहाजा यह बहुसंख्यक वर्ग की आस्था, श्रद्घा और भावना का मसला है इसलिए मंदिर रामजन्म भूमि पर ही बनना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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