छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ जवान के खिलाफ जांच शुरु
नक्सलियों के हाथों मारे जाने वाले जवानों के परिवार जनों का 40 लाख रुपये दिए जाते हैं। इस मामले में उसके एक साथी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि सीआरपीएफ की 204 बटालियन के कांस्टेबल कन्हैयालाल यादव जो अशांत बस्तर क्षेत्र में तैनात है, ने 15 अगस्त को एक व्यक्ति को मारने के बाद पुलिस से शिनाख्त छुपाने के लिए उसके शरीर पर एसिड डाल दिया। इस घटना के बाद उसने मरे हुए व्यक्ति के कपड़े में अपना पहचान पत्र डाल दिया।
पुलिस ने बताया कि यह घटना बस्तर जिले की है। शुरुआत में पुलिस को यकीन हो गया था कि यह जवान नक्सलियों के हाथों मारा गया है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले इस जवान के परिजनों ने रायपुर पहुंच कर शव लेने के बाद बीमा की राशि का दावा किया था।
पुलिस ने बताया कि इस घटना में नया मोड़ तब मोड़ आया जब मृतक की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आई। रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि यह शव सीआरपीएफ के जवान की नहीं बल्कि वास्तव में यह उमेश यादव नामक व्यक्ति की है।
बस्तर जिले के पुलिस अधीक्षक पी.सुंदर राज ने आईएएनएस को बताया, "हमने कन्हैयालाल यादव की गिरफ्तारी और मारे गए व्यक्ति के बारे में जांच शुरू कर दी है। जवान के चचेरे भाई कपिल को उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया गया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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