पंजाब, हरियाणा में बाढ़ की आशंका, राहत कार्य तेज
हरियाणा के करनाल और यमुनागर जिलों में यमुना नदी के तटबंधों में आई दरारों को पाटने के लिए प्रशासन सेना की मदद ले रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि पंजाब में सतलुज नदी का पानी 'खतरनाक स्तर' तक पहुंच गया है।
फिरोजपुर के उपायुक्त के. के. यादव ने कहा, "नदी का बहाव इतना तेज हो गया है कि गांवों में पानी कभी भी घुस सकता है। लिहाजा निचले इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। हमने सुरक्षा के सभी इंतजाम किए हैं और अधिकारी हालात पर नजर रख रहे हैं।"
फिरोजपुर जिले में 10 गांवों के 500 से अधिक लोगों को राहत शिविर में भेजा गया है।
रोपड़ के उपायुक्त अरुणजीत सिंह मिगलानी ने आईएएनएस से बताया,"हम आनंदपुर साहिब उपमंडल के लौदीपुरगांव के नजदीक सतलुज नदी के तटबंध में आई 350 फुट से अधिक की दरार को पाटने के लिए रात-दिन काम कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि दरार पड़ने की वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात में नदी के तटबंध में 20 फुट तक की दरार पड़ी थी बाद में बहाव बढ़ने के साथ यह बढ़कर 350 फुट से अधिक हो गयी। इसके चलते रोपड़ जिले के 15 गांवों पानी भर गया है।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड(बीबीएमबी) में जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए 21 अगस्त से सतलुज नदी में पानी छोड़ा जा रहा है।
पानी छोड़े जाने की वजह से लुधियाना के निचले इलाके और फिरोजपुर, नवानशहर, रोपड़ और आनंद साहिब व कीरतपुर साहिब इलाकों में बाढ़ आ गई है।
भाखड़ा बांध में पानी का स्तर 1,680 मीटर के अधिकतम स्तर तक पहुंच सकता है। यह रोजाना एक फुट के हिसाब से बढ़ रहा है।
सतलुज नदी में बाढ़ आने की वजह से तरनतारन जिले में भी बाढ़ आ गई है और कम से कम नौ गांव पानी में डूब गए हैं। प्रशासन ने सेना को तैयार रहने को कहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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