भोपाल गैस त्रासदी : 6 माह में रिपोर्ट सौंपेगा आयोग
भोपाल में दो-तीन दिसम्बर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव होने से हजारों लोग मारे गए थे।
यह हादसा कैसे हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं? मुख्य आरोपी वारेन एंडरसन को भारत से भगाने में किसकी भूमिका रही है, सहित अन्य पहलुओं का खुलासा करने के लिए राज्य सरकार ने न्यायाधीश एस. एल. कोचर के एक सदस्यीय आयोग का गठन किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा सत्र में आयोग के गठन का ऐलान किया था।
गैस हादसे के विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए बनाए गए आयोग और उसके द्वारा की जाने वाली जांच की रूपरेखा भी तय कर दी गई है। आयोग यूनियन कार्बाइड कारखाने की स्थापना के वक्त नियमों व निर्देशों का पालन किया गया अथवा नहीं तथा हादसे के वक्त नुकसान से बचने के लिए किए गए सुरक्षा के इंतजाम की जांच करेगा। आयोग हादसे के बाद रासायनिक कचरा निपटाने के उपायों, गैस पीड़ितों की जरूरतों को पूरा करने के लिए और क्या उपाय किए जा सकते हैं इन सबकी जांच करेगा।
गैस त्रासदी को लेकर वर्ष 1984 में तत्कालीन सरकार ने भी एक सदस्यीय आयेाग बनाया था, जिसका कार्यकाल एक साल रहा, मगर आयोग की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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