नैना साहनी हत्याकांड : शर्मा को मां से मिलने की अनुमति
न्यायमूर्ति हिमा कोहली ने बुधवार को शर्मा को यह अनुमति प्रदान की।
शर्मा ने अपनी बीमार मां की सेवा करने के लिए पैरोल हेतु पांच जुलाई को अदालत में आवेदन किया था। अपने आवेदन में शर्मा ने अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ संबंधों को पुनर्विकसित करने के लिए तीन महीने के पैरोल की मांग की थी।
अदालत ने उसके बाद सरकार से शर्मा के आवेदन पर 28 जुलाई तक एक रिपोर्ट सौंपने को कहा था। इसके पहले शर्मा की पैरोल याचिका अदालत ने पहली जून को खारिज कर दी थी।
ज्ञात हो कि शर्मा ने बेवफाई के संदेह में अपनी पत्नी नैना साहनी की हत्या कर दी थी। शर्मा ने दो जुलाई, 1995 को अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से साहनी को भून डाला था। उसके बाद शव को एक रेस्तरां में ले जाकर उसके छोटे-छोटे टुकड़े किए और फिर उन टुकड़ों को उसने एक तंदूर में जलाने की कोशिश की।
एक स्थानीय अदालत ने सात नवंबर, 2003 को शर्मा को फांसी की सजा सुनाई थी। उसके बाद शर्मा ने उच्च न्यायालय में एक समीक्षा याचिका दायर की। उच्च न्यायालय ने फरवरी 2007 में शर्मा की फांसी की सजा को बरकरार रखा। अब शर्मा की याचिका सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications