निचले स्तर तक पहुंचे विधिक जानकारी : कबीर
शिमला, 21 अगस्त (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने कहा कि सशक्तीकरण ज्ञान से होता है और यह आवश्यक है कि निचले स्तर तक लोगों को विधिक जानकारी पहुंचाई जाए।
वह शनिवार को हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा यहां प्रदेश की 9वीं एवं 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 'लेसन्स इन लॉ' पुस्तक के विमोचन और विधिक साक्षरता कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे।
न्यायमूर्ति कबीर ने कहा कि देश में निचले स्तर तक विधिक साक्षरता और जागरूकता पैदा करना विधिक सहायता अभियान का मुख्य लक्ष्य है। यह आवश्यक हो गया है कि स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विधिक जानकारी दी जाए, ताकि एक आदर्श समाज की स्थापना की जा सके।
उन्होंने विद्यार्थियों को कानूनी पहलुओं से अवगत करवाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश का यह प्रयोग सफल साबित होगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण भी देशभर में संबंधित राज्यों के सहयोग से इस प्रकार का कार्यक्रम आरंभ करेगा। विद्यार्थियों को विधि संबंधी पुस्तकें उपलब्ध करवाने से उन्हें देश का अच्छा नागरिक बनाने में सहायता मिलेगी और उनमें कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी की भावना भी पैदा होगी।
इस अवसर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित 'लेसन्स इन लॉ' पुस्तक का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आऱ बी़ रविंद्रन ने कहा कि विधिक सेवाएं प्राधिकरण विभिन्न समूहों को विधिक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक बनाने से वह अपने अधिकारों और कर्तव्यों से अवगत होते हैं।
प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने कहा कि प्रदेश के सभी 3111 स्कूलों में विधिक शिक्षा प्रदान की जाएगी, जिसके लिए विधिक जानकारों और अधिवक्ताओं की सेवाएं ली जाएंगी।
उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक घंटे तक विधिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, ताकि भावी पीढ़ी को देश का जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सके। उन्होंने स्कूलों में विधिक जानकारी देने के लिए अधिवक्ताओं से एक विद्यालय को अपनाने का आह्वान किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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