देश में 89 लाख टन अनाज भंडारण की कमी
थॉमस ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारतीय खाद्य निगम ने 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान सृजित की जाने वाली अतिरिक्त भंडारण क्षमता का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज) को अध्ययन कार्य सौंपा है।
मैनेज ने अपनी रिपोर्ट में संपूर्ण देश के लिए 89.42 लाख टन भंडारण क्षमता की कमी की पहचान की है। रणनीतिक रिजर्व के रूप में 50 लाख टन खाद्यान्न शामिल होने से कुल भंडारण अंतर लगभग 140 लाख टन बैठता है।
उन्होंने जानकारी दी कि दीर्घावधि में भंडारण अंतर को पाटने के लिए सरकार ने निजी उद्यमियों के जरिए भारतीय खाद्य निगम के लिए गोदामों के निर्माण की एक स्कीम तैयार की है। इस स्कीम के अधीन भारतीय खाद्य निगम निर्मित गोदामों के उपयोग के लिए 10 वर्ष की गारंटी देगा।
इस स्कीम के अधीन निर्माण करने हेतु देश में लगभग 149.40 लाख टन अतिरिक्त क्षमता की पहचान की गई है जिसमें पंजाब के लिए 51.25 लाख टन क्षमता शामिल है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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