उमर पर चले जूते ने 15 पुलसकर्मियों को सस्पेंड कराया
श्रीनगर/नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर रविवार को जूता उछाले जाने के मामले में सुरक्षा खामियों के लिए 15 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जूता उछाले जाने की इस घटना की कांग्रेस व भाजपा ने निंदा की है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक "जम्मू एवं कश्मीर सुरक्षा शाखा के 15 पुलिस कर्मियों को सुरक्षा में लापरवाही बरतने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इनमें चार अधिकारी स्तर के तथा 11 निचले स्तर के पुलिस कर्मी शामिल हैं।" जानकारी के मुताबिक जूता उछालने वाला व्यक्ति जम्मू एवं कश्मीर पुलिस का निलंबित सहायक उप निरीक्षक है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया "अब्दुल अहद जान दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में निलंबित हेड कांस्टेबल है। उस पर पहले ही एक आपराधिक मामला चल रहा है।" पुलिस ने कहा कि जान पर सरकार से फर्जी तरीके से मुआवजा लेने का मामला भी चल रहा है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि निलंबित कर्मचारी को उच्च सुरक्षा क्षेत्र में प्रवेश कैसे दिया गया।
स्थानीय बख्शी स्टेडियम में आयोजित समारोह में जब अब्दुल्ला हिस्सा ले रहे थे, तो एक पूर्व हेड कांस्टेबल ने अब्दुल्ला के ठीक पीछे वीआईपी दीर्घा में एक सीट हासिल कर ली। उसने अब्दुल्ला पर भूरे रंग का जूता फेंका और आजादी समर्थक नारे लगाए। उसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। जान ने मुख्यमंत्री को कथित तौर पर काला झंडा भी दिखाया। अब्दुल अहद जान द्वारा फेंका गया जूता अब्दुल्ला के सामने जमीन पर आ गिरा। जूते से किसी को कोई चोट नहीं लगी। इस घटना से बेफिक्र उमर ने कहा कि पत्थर फेंकने की तुलना में जूता फेंकना कहीं अच्छा है।
कश्मीर में पिछले कई दिनों से हो रही पत्थरबाजी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने इस घटना के बारे में कहा, "विरोध करने का यह ज्यादा सही तरीका है। शुक्र है कि उसने पत्थर नहीं फेंका, बल्कि जूता फेंका। जूते से कम से कम कोई घायल नहीं हुआ।" इस घटना के बावजूद समारोह का आयोजन चलता रहा। अब्दुल्ला ने अपने भाषण में घोषणा की कि अगले कुछ महीनों के भीतर राज्य में 50,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। उल्लेखनीय है कि घाटी में अलगाववादियों ने 15 अगस्त को काला दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया था। इसके मद्देनजर पूरी घाटी में बंद रहा और इससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
जूता उछाले जाने की घटना पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला ने नई दिल्ली में कहा कि इराक में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश पर जूता फेंके जाने के बाद से प्रतिष्ठित व्यक्तियों पर जूता फेंकने का फैशन चल पड़ा है। यह अति निंदनीय है। भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि उमर पर ऐसे समय में जूता उछाला गया, जब वह राष्ट्र ध्वज फहराने गए थे। यह पूरी तरह अलगाववादी मानसिकता का प्रतीक है। इसकी कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए।












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