पाकिस्तान बाढ़ : मून ने विश्व समुदाय से की सहायता की अपील (राउंडअप इंट्रो-1)
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मून ने पाकिस्तान में आई बाढ़ को दुनिया में अब तक की सबसे बड़ी त्रासदी करार दिया।
उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को तात्कालिक तौर पर 90 दिनों के भीतर जरूरी सहायता पहुंचाने की खातिर हमने विश्व समुदाय 46 करोड़ डॉलर सहायता की अपील की है। उन्होंने पाकिस्तान के लोगों के साथ एकता प्रदर्शित करते हुए एक करोड़ डॉलर सहायता देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों को तत्काल पुनर्वास, भोजन और स्वच्छ पेयजल की आवश्यकता है। वर्तमान में पीड़ितों के बीच मानवीय सहायता, राहत और बचाव कार्य करने पर जोर देने की जरूरत है।
इससे पहले मून से मुलाकात के दौरान गिलानी ने उन्हें बताया कि देश में बाढ़ से प्रभावित हुए लाखों लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सभी राजनीतिक दल तैयार हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बाढ़ से विस्थापित हुए लोगों को खाना, दवाई और शिविरों की बेहद जरूरत है।
गिलानी ने कहा महामारियों को रोकना सबसे बड़ी चुनौती है। दो सप्ताह पहले आई बाढ़ के बाद उत्तर पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में हैजा फैलने की खबर है।
पाकिस्तान में सिंधु नदी में आए उफान की वजह से सिंध और बलूचिस्तान प्रांत में भी बाढ़ आ गई है। दोनों प्रांतों के 90 फीसदी गांव खाली करा लिए गए हैं। बाढ़ की चपेट में आने के कारण लोग खुले आकाश के नीचे रहने को मजबूर हैं।
पाकिस्तान में आई भयंकर बाढ़ में 1,600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 1.4 करोड़ लोग इससे प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि बाढ़ के चलते देश को 250 अरब रुपये का नुकसान हुआ है।
सिंध प्रांत के जैकोबाबाद जिले में बाढ़ आ गई है, राष्ट्रीय राजमार्ग और बड़ी सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की वजह से प्रांत का देश के बाकी हिस्से से संपर्क टूट गया है।
बाढ़ का पानी कई गांवों में घुस गया है और परिवहन व्यवस्था के अभाव में प्रभावित लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस इलाके में मौजूद बैराज और बांधों के ऊपर से पानी बह रहा है। बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण प्रांत को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले रेल मार्गो के कुछ हिस्से बह गए हैं।
बलूचिस्तान प्रांत में मुजफ्फराबाद जिला प्रशासन ने लोगों से सिंध नदी का पानी तटबंधों में भर जाने की वजह से ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने को कहा है। पुलिस लाउडस्पीकर के द्वारा लोगों को इसके बारे में सूचना दे रही है और उन्हें सुरक्षित जगहों पर जाने को कह रही है।
मिट्टी के बने हुए घर गिर गए हैं और लोग प्रशासनिक इमारतों की छतों पर शरण लिए हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार सिंध में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है सिंचाई विभाग के अधिकारी देर शुक्रवार से बाढ़ वाले पानी को दूसरे रास्ते से निकालने की कोशिश में लगे हैं। अधिकारी जैकोबाबाद जिले और प्रांत के अन्य हिस्सों को सुरक्षित बचाने के लिए पानी को जफ्फराबाद की तरफ मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी पुलिस बल और अन्य मशीनरियों की भी मदद ले रहे हैं, लेकिन जफ्फराबाद के उपायुक्त ने इसका विरोध किया है और इसे रोकने को कहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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