प्रतिबंधित संगठनों से वार्ता को तैयार : संगमा
संगमा ने नई दिल्ली से आईएएनएस को फोन पर बताया, "हम एचएनएलसी की ओर से आए वार्ता के संकेत का स्वागत करते हैं और मेरी सरकार शांति सुनिश्चित करने के लिए वार्ता को आगे बढ़ाने में पूरी रुचि लेगी।"
एचएनएलसी के महासचिव चेरिशस्टरफील्ड थांगखियू ने गत रविवार को सरकार के साथ राजनीतिक वार्ता का प्रस्ताव रखा था।
थांगखियू ने कहा, "एचएनएलसी का राजनीतिक वार्ता में विश्वास है, क्योंकि हिंसा से हाईनियूट्रेप समुदाय की समस्याओं का हल नहीं निकल सकता।"
उन्होंने हालांकि वार्ता के प्रस्ताव के लिए प्रतिबंधित संगठन को अमंत्रित करने की पहल नहीं करने के लिए सरकार की आलोचना की।
एचएनएलसी पूर्वी मेघालय में स्वायत्त क्षेत्र की मांग को लेकर दो दशकों से अधिक समय से बांग्लादेश स्थित गुप्त ठिकानों से संगठन का संचालन करता रहा है।
संगमा ने कहा, "एचएनएलसी की ओर से बैठक करने की जताई गई मंशा सकारात्मक संकेत है। हम वार्ता के लिए अपनाए गए उसके तौर-तरीकों से प्रसन्न हैं, लेकिन कोई भी फैसला भारतीय संविधान के दायरे में ही लिया जाएगा।"
एचएनएलसी के संस्थापक एवं अध्यक्ष जूलियस के. डोरफांग, जिन्होंने प्रतिंबधित संगठन की आंतरिक लड़ाई के चलते 2007 में मेघालय सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया था, ने कहा, "यह अच्छा संकेत है और यदि संगठन के नेता शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में मेरी मदद की जरूरत महसूस करेंगे तो मैं उन्हें निश्चत सहयोग दूंगा।"
एचएनसीएल संगठन का एनडीएफबी से निकट संपर्क रहा है। साथ ही नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड के इसाक-मुइवाह गुट एवं नेशनल लिबरेशन फंट्र ऑफ त्रिपुरा से भी संपर्क रहा है।
मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है तथा स्थायी समाधान के लिए पहल शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा, "वार्ता में राजनीतिक भागीदारी के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है तथा इससे विकास और प्रगति में मदद मिलेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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