पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को अंतरिम जमानत
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 1997-2002 के बीच 909 पंचायत सचिवों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी पद का दुरुपयोग करने के आरोप में इस वर्ष जुलाई महीने में यहां कहलोन के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत में एक आरोप पत्र दाखिल किया था।
जिस समय पंचायत सचिवों की नियुक्ति की गई थी, उस समय (1977-2002) कहलोन पंजाब सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री थे। सीबीआई ने 14 अन्य अधिकारियों के साथ कहलोन के खिलाफ नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता और भ्रष्टाचार के लिए मामला दर्ज किया है।
उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तारीख तय की है।
निचली अदालत द्वारा 17 अगस्त को पटियाला शहर में पेश होने के लिए नोटिस जारी किए जाने के बाद कहलोन ने निचली अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
कहलोन के अलावा जिन अधिकारियों को इस मामले में निरुद्ध किया गया है, उनमें तत्कालीन वित्त आयुक्त एवं प्रमुख सचिव जे.एस.केसर और तत्कालीन ग्रामीण विकास निदेशक मानदीप सिंह शामिल हैं।
केसर और मानदीप सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी हैं। कुछ समय पहले केसर सेवानिवृत्त हो गए थे।
कहलोन सहित सभी 15 आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत निरुद्ध किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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