पाकिस्तान बाढ़ : अब तक 1600 मरे, अरबों का नुकसान (राउंडअप)
बाढ़ पीड़ितों के प्रति सहानुभूति रखते हुए विश्व बैंक और भारत ने वित्तीय सहायता की घोषणा की है, जबकि अमेरिका ने सहायता राशि में इजाफा किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून शनिवार को बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे।
पाकिस्तान में बाढ़ की वजह से 1,600 लोग मारे जा चुके हैं जबकि 1.4 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की वजह से लगभग 250 अरब रुपये की क्षति हुई है।
पाकिस्तान के खाद्य एवं कृषि मंत्री नजर मोहम्मद गोंडाल ने बताया कि बाढ़ की वजह से बड़े पैमाने पर कपास, धान, गन्ना और तंबाकू की फसलें नष्ट हुई हैं जिससे कृषि क्षेत्र को अरबों रुपये का नुकसान हुआ है।
क्राप्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन (सीपीए) के अधिकारी जावेद सलीम और पाकिस्तान एग्रीकल्चर फार्म्स एसोसिएशन (पीएएफए) के अध्यक्ष इब्राहिम मुगल ने बताया कि 17 लाख एकड़ कृषि योग्य भूमि बाढ़ के पानी में डूब गई है।
बाढ़ की तबाही की वजह से 100,000 से अधिक जानवरों की मौत हो चुकी हैं जिनमें गाय, भैंस, भेड़, घोड़े तथा गधे और अन्य जानवर शामिल हैं। इसके अलावा 3,000 मत्स्य पालन केंद्र तथा 2,000 मुर्गी पालन केंद्र नष्ट हो गए हैं।
पंजाब प्रांत में कपास की लगभग 10 लाख एकड़ फसल नष्ट होने से 86 अरब रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। सिंध प्रांत में 95 अरब रुपये मूल्य की फसल की बर्बाद हुई है जबकि खबर पख्तूनख्वा प्रांत में 30 अरब रुपये मूल्य की फसल नष्ट हुई है।
विश्व बैंक ने पाकिस्तान में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए 90 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यो पर यह राशि खर्च की जाएगी। पाकिस्तान में विश्व बैंक के निदेशक रिचर्ड बेनमेसाउड गुरुवार को वित्त मंत्री अब्दुल हाफिज शेख से मुलाकात कर राहत एवं पुनर्निमार्ण कार्य के लिए आर्थिक मदद देने की घोषणा की।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मार्क टोनर ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका ने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए 41 लाख डॉलर की रकम उपलब्ध कराई। इसका उपयोग बाढ़ प्रभावितों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। उन्होंेने कहा कि अगले कुछ दिनों में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 19 हेलीकॉप्टर लगाए जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र ने भी बाढ़ पीड़ितों के लिए करीब 46 करोड़ डॉलर की मदद देने की अपील की है।
इधर, पिछले महीने भारत-पाकिस्तान वार्ता की विफलता से उत्पन्न कड़वाहट के बावजूद विदेश मंत्री ए.एम. कृष्णा ने शुक्रवार को अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी से बात की और पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए भारत की ओर से 50 लाख डॉलर देने का प्रस्ताव रखा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार टेलीफोन पर हुई बातचीत में कृष्णा ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से कहा कि जरूरत की इस घड़ी में भारत पाकिस्तान के लोगों के साथ है। भारत की जनता एवं सरकार की ओर से कृष्णा ने प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में पाकिस्तानी सरकार तथा वहां के लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति जताई एवं मरने वालों के प्रति शोक जताया।
बातचीत के दौरान कृष्णा ने बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री जुटाने के लिए भारत सरकार की ओर से 50 लाख डॉलर की सहायता राशि देने का प्रस्ताव रखा। पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ितों के साथ एकता दिखाने और सहायता देने का प्रस्ताव इस बात का संकेत है कि 15 जुलाई को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई वार्ता के बाद चले प्रत्यारोपों के दौर के बावजूद भारत सकारात्मक माहौल बनाना चाहता है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून पाकिस्तान के बाढ़ग्रस्त इलाके में चलाए जा रहे बचाव व राहत कार्य का जायजा लेने के लिए शनिवार को यहां का दौरा करेंगे। वह बाढ़ की वजह से हुए नुकसान और राहत कार्यो का जायजा लेंगे। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने मून के दौरे का स्वागत किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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