जाति आधारित होगी जनगणना, पर तौर तरीके मंत्रिमंडल तय करेगा (लीड-1)
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इस मुद्दे पर लोकसभा में हुए हंगामे के बाद सदन में कहा कि जाति आधारित जनगणना कब और कैसे होगी, इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय मंत्रिमंडल जल्द फैसला करेगा।
मुखर्जी ने कहा, "जाति आधारित जनगणना कब और कैसे की जाएगी, इस पर विचार किया जा रहा है। इसकी औपचारिक रूप से व्यवस्था की जाएगी। इस बारे में मंत्रिमंडल फैसला करेगा। जब मंत्रिमंडल इस पर कोई फैसला करेगा तो हम इसकी जानकारी देंगे।"
इससे पहले, इस मसले पर विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया और प्रश्नकाल बाधित किया। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित हुई। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने यह मुद्दा उठाया। इन नेताओं ने मंत्री समूह के फैसले पर आपत्ति जतायी।
वे केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के नेतृत्व वाले मंत्री समूह द्वारा लिए गए उस फैसले पर आपत्ति व्यक्त कर रहे थे जिसमें कहा गया था कि जाति आधारित गणना वर्तमान जनगणना अभियान के बायोमेट्रिक चरण में की जा सकती है।
जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने जाति आधारित जनगणना तुरंत आरंभ करने की मांग करते हुए कहा कि बायोमेट्रिक चरण में यह प्रक्रिया पूरा होने में बहुत अधिक समय लग जाएगा। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र देने का फैसला 15 साल पहले किया गया था लेकिन आज भी यह पूरा नहीं हो सका है।
मुलायम ने कहा, "क्या सरकार हमें मूर्ख बना रही है।" इसके साथ ही लालू ने कहा कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया के पूरा होने में 100 साल लग जाएंगे और इसके बाद भी यह पूरी नहीं होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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