'जबरन नार्को जांच पर अदालती रोक की समीक्षा नहीं'
गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि सरकार किसी आरोपी या संदिग्ध की सहमति के बिना नार्को विश्लेषण, पोलीग्राफ और ब्रेन-मैपिंग जांच करने पर रोक संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की समीक्षा करने कि लिए कोई प्रस्ताव लाना आवश्यक नहीं समझती।
चिदंबरम ने सदन को बताया कि नार्को विश्लेषण एक आक्रामक जांच है और पोलीग्राफ भी नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह गैर आक्रामक विस्तृत जांच है।
उन्होंने कहा, "मैं व्यक्तिगत तौर पर कह रहा हूं कि पोलीग्राफ गैर आक्रामक विस्तृत जांच है लेकिन नार्को विश्लेषण एक आक्रामक जांच है और मेरी राय में यह नहीं की जानी चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने पांच मई को दिए अपने फैसले में कहा था कि जबरन इस तरह की जांच करना संविधान की धारा 20 (3) का उल्लंघन होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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