कलमाडी ने कहा, किसी भी जांच के लिए तैयार
कलमाडी ने कहा कि वह नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीवीसी) सहित किसी भी न्यायिक जांच के लिए तैयार हैं।
उन्होंने एक बार फिर राष्ट्रमंडल खेलों की मशाल रैली में किसी भी वित्तीय अनियमितता को खारिज करते हुए कहा कि रैली के दौरान लागत में कमी की गई है।
"राष्ट्रमंडल खेलों के लिए कार्यकारी मंडल ने मशाल रैली के लिए 13.13 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। आयोजन समिति ने इस पर केवल 5.75 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।"
"हमने बड़े आयोजनों की योजना बनाई थी लेकिन लागत कम करने के लिए हमने आयोजनों का आकार छोटा किया। हमने इसके लिए वैश्विक निविदा जारी की थी और जैक मार्टन कंपनी को विश्वभर में इस रैली का आयोजन करने के लिए नियुक्त किया था।"
लंदन में मशाल रैली के दौरान वीडियो स्क्रीन लगाने के मुद्दे पर कलमाडी ने कहा कि ऐसा वहां की पुलिस द्वारा अनुरोध किए जाने के कारण किया गया था।
कलमाडी ने पत्र में कहा कि निलंबित किए गए उप महानिदेशक संजय महेंद्रू ने 23 अक्टूबर 2009 को लंदन में एक बैठक के बाद मुझे बताया कि लंदन पुलिस वीडियो स्क्रीन लगाए जाने की जिद पर अड़ी है। पुलिस का कहना है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो मशाल रैली का आयोजन नहीं हो पाएगा।
उन्होंने कहा, "जब मैं 24 अक्टूबर को लंदन पहुंचा तो महेंद्रू ने वह हस्तलिखत नोट दिखाया जिसमें वीडियो स्क्रीन लगाने की जरूरत बताई गई थी और इसके लिए 1.2 करोड़ रुपये का तत्काल भुगतान करने को कहा गया था। तब मैंने हाथ से ही एक नोट लिखकर कहा था कि काफी देर हो चुकी है, हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।"
अपने पत्र में कलमाडी ने खेलों की सफलता के लिए सहयोग की अपील की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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