बाइक से कीजिए उत्तराखण्ड की सैर
राज्य के परिवहन मंत्रालय के अपर सचिव विनोद शर्मा ने उक्त योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस अनूठी योजना के लागू होने से सूबे में न सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह योजना हफ्ते-दस दिनों के भीतर शुरू हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत कंपनी या एजेंसी, जिसके पास पांच से ज्यादा बाइक हों, को राज्य का परिवहन विभाग लाइसेंस देगा, जिसके बाद वह कंपनी या एजेंसी सैलानियों को किराए पर बाइक मुहैया कराएगी।
लाइसेंस देने से पूर्व परिवहन विभाग बाइक की पूरी फिटनेस की जांच करेगा, उसके बाद ही ऑपरेटर को लाइसेंस जारी होगा। शर्मा कहते हैं कि विदेशों के अलावा अपने देश में भी यह योजना सफल है, इसलिए मोटरसाइकिल किराए पर लेने के लिए भारी रकम जमा करने के बजाय पर्यटकों को अपना ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट, एजेंसी के पास जमा करना पड़ेगा।
उसके बाद एजेंसी उन्हें किराए पर बाइक उपलब्ध कराएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि एजेंसी बाइक उसी शर्त पर सैलानी को किराए पर देगी, जबकि सैलानी के पास ड्राइविंग लाइसेंस हो।
हिमालय की वादियों में बाइक की सवारी करते हुए मनोरम दृश्यों का मजा ही कुछ और होता है। स्थानीय नागरिक तो बाइक पर सफर कर अपनी हसरत पूरी कर लेते हैं, लेकिन बाहर से आने वाले पर्यटकों की यह हसरत दिल में दबकर रह जाती है। ऐसे में बाइक की सवारी जरूर पर्यटकों की हसरत पूरी कर देगी।













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