ममता की लालगढ़ रैली पर संसद में हंगामा
रेल मंत्री की रैली के लेकर सोमवार को लोकसभा में माकपा और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। प्रश्नकाल आरंभ होते ही वामपंथी दलों के सदस्यों ने इस मामले को उठाना चाहा लेकिन तृणमूल सदस्यों ने इसका जोरदार विरोध किया।
माकपा के ए. संपत ने कहा, "देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक कह चुके हैं कि नक्सली समस्या देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है और नक्सलियों ने देश के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है।"
उन्होंने कहा, "ऐसे में तृणमूल कांग्रेस लालगढ़ में नक्सलियों के साथ मिलकर रैली कर रही है। इस रैली में रेल मंत्री खुद हिस्सा ले रही हैं। एक जिम्मेदार राजनीतिक दल ऐसा गैरजिम्मेदाराना व राष्ट्रविरोधी काम कर रहा है। सरकार को इस मसले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।"
तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा, "तृणमूल कांग्रेस की कोशिश शांति का संदेश देने की है। हमने हमेशा हत्या व हिंसा की राजनीति का विरोध किया है।" उन्होंने कहा, "कुछ माह पहले केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने भी लालगढ़ का दौरा किया था ऐसे में तृणमूल कांग्रेस यदि रैली करती है तो क्या नुकसान है।"
बंदोपाध्याय ने कहा डाला कि नक्सली माकपा की ही देन हैं। दोनों में कोई अंतर भी नहीं है। इसके बाद एक बार फिर माकपा सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया लेकिन लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार इसे राज्य का मामला बताकर सदस्यों को शांत करा दिया।













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