बिहार के सूखाग्रस्त जिलों को रोज 6 घंटे बिजली!

राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ब्यास जी ने बताया कि सूखाग्रस्त घोषित जिलों में आपदा राहत निधि, राज्य आपदा रिस्पांस कोष, राष्ट्रीय आपदा आपात निधि एवं राष्ट्रीय आपदा रिस्पांस फोर्स से तत्काल राहत पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा इन जिलों में में गरीबों को मुफ्त अनाज दिया जाएगा और किसानों से सहकारिता ऋण, राजस्व लगान और पटवन शुल्क वर्तमान वितीय वर्ष में नहीं लिया जाएगा।
प्रभावित जिलों में फसल बचाने, वैकल्पिक व्यवस्था करने और रोजगार के साधन उपलब्ध कराने आदि के उपाय किये जाएंगे। इसके अलावा फसल बीमा की अवधि बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया गया है। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत रोजगार सृजित किये जायेंगे।
गौरतलब है कि 38 में से शेष 10 जिलों को स्थिति का आकलन करने और उसे सूखाग्रस्त घोषित करने का जिम्मा मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाले आपदा प्रबंधन समिति को सौंप दिया गया। सूखाग्रस्त जिलों में सामान्य से 23 प्रतिशत से कम बारिश हुई है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी राज्य के 26 जिलों को सूखाग्रस्त घेषित किया गया था।












Click it and Unblock the Notifications