कश्मीर में विरोध प्रदर्शनों में आतंकी शामिल हैं : चिदंबरम (लीड-2)

चिदंबरम ने लोकसभा में जम्मू एवं कश्मीर के हालात पर एक बयान में कहा, "इस बात के कई उदाहरण सामने आए हैं, जब प्रदर्शनरत भीड़ से सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की गई है। इस बात की विश्वस्त खुफिया जानकारी है कि कुछ हथियारबंद आतंकी भीड़ के साथ घुल-मिल गए हैं और उन्होंने ही सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की है।"

चिदंबरम ने कहा कि राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने की संभावना तभी तलाशी जा सकती है, जब शांति बहाल हो जाएगी। चिदंबरम ने कहा, "शांति और व्यवस्था बहाल हो जाए, उसके बाद मुझे भरोसा है कि हम समस्या के समाधान के लिए राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने की संभवानाएं तलाश सकते हैं।"

इसके साथ ही चिदंबरम ने जम्मू एवं कश्मीर के लोगों से अपील की कि वे हिंसा के दुष्चक्र को रोकें। उन्होंने युवकों के परिजनों से विशेष तौर से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को हिंसक गतिविधियों में हिस्सा न लेने दें।

चिदंबरम ने कहा, "केंद्र सरकार जम्मू एवं कश्मीर में नागरिकों की मौत पर गहरा खेद प्रकट करती है। उनमें कई सारे युवक और बच्चे शामिल हैं। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति व संवेदना प्रकट करता हूं। हम इन घटनाओं पर खेद तो प्रकट करते ही हैं, लेकिन मैं जम्मू एवं कश्मीर के लोगों से हिंसा के इस दुष्चक्र को रोके जाने की अपील भी करता हूं।"

चिदंबरम ने खासतौर से कश्मीरी युवकों के परिजनों से अपील की। उन्होंने कहा, "आपके बच्चों की सुरक्षा और बेहतरी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, आपकी भी यह सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसलिए मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि बच्चे किसी हिंसक गतिविधि में हिस्सा न लें, यह आप लोगों द्वारा सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।"

ज्ञात हो कि कश्मीर घाटी पिछले 54 दिनों से सुरक्षा बलों की गोलीबारी में नागरिकों की हो रही मौत के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के कारण उबल रही है। पिछले 11 जून से जारी हिंसा में 45 लोग मारे जा चुके हैं और 180 लोग घायल हो चुके हैं।

चिदंबरम ने कहा कि जून और जुलाई 2010 में पथराव की 872 घटनाएं घटीं और उस दौरान 1,456 सुरक्षा कर्मी घायल हुए। चिदंबरम ने कहा कि सुरक्षा बलों ने हिंसक प्रदर्शनों के साथ निपटने में बड़े धर्य का परिचय दिया है।

चिदंबरम ने कहा, "यह बताना मेरा कर्तव्य है कि सुरक्षा बलों ने अति गंभीर हालात में भी अति संयम बरता है। उन्होंने साहस और धैर्य का परिचय दिया है।"

चिदंबरम ने सदन को आश्चस्त किया कि जम्मू एवं कश्मीर सरकार के पास पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध हैं।

चिदंबरम ने कहा कि केंद्र सरकार मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के साथ है। केंद्र सरकार राज्य सरकार के शांति बहाली, बातचीत और घाटी के लोगों की शिकायतों को दूर करने संबंधी प्रयासों के साथ है।

चिदंबरम ने उमर अब्दुल्ला द्वारा सोमवार को दिए गए उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि शांति बहाली के बाद ही कश्मीर की समस्या का कोई समाधान निकालने के लिए आगे की पहल की जा सकती है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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