महंगे उपकरणों पर सीजीओसी ने सफाई दी
सीजीओसी के महासचिव ललित भनोत ने 'वेन्यू एवं ओवरले डेवलपमेंट' के कार्य से जुड़े संयुक्त निदेशक ए.के. सक्सेना के साथ बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से उपकरणों की खरीद या उन्हें किराए पर लेने के बदले दी गई राशि को वाजिब करार दिया।
भनोत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीजीओसी ने किसी भी प्रकार के उपकरण की खरीद या किराए पर लेने के लिए आर्डर नहीं दिए हैं। इस संबंध में 25 जुलाई को एक टेंडर जारी किया गया था, जिसके अंतर्गत विभिन्न कंपनियों ने अपने प्रस्ताव सीजीओसी के सामने रखे थे और उन्हीं को लेकर मीडिया जरूरत से अधिक कीमत अदा करने का आरोप सीजीओसी पर मढ़ रहा है।
भनोत ने कहा, "सीजीओसी के किसी अधिकारी ने उपकरणों की खरीद या फिर उन्हें किराए पर लेने के लिए हुए समझौते के अंतर्गत कमिशन नहीं खाया है। इस संबंध में किसी भी कंपनी को कमीशन नहीं दिया गया है।"
भनोत के मुताबिक जिस ट्रेडमिल की बात मीडिया कर रहा है, असल में वह नहीं है, जिसके लिए सीजीओसी ने आर्डर दिया है। जिस ट्रेडमिल के बारे में मीडिया बात कर रहा है, उसकी कीमत काफी कम है जबकि सीजीओसी ने उससे कहीं अधिक उन्नत ट्रेडमिल देने के लिए कंपनियों को कहा है।
बकौल भनौत, "हमने जिस ट्रेडमिल के लिए कंपनियों को कहा है उसकी कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 60 से 75 हजार डॉलर है। इसमें ट्रेनर, तकनीकी सहयोग, संचालन और रखरखाव का खर्च भी जुड़ा है। ट्रेडमिल मुहैया कराने वाली कंपनी राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान यह सुविधा हमें मुहैया कराएगी।"
सक्सेना ने कहा कि सीजीओसी ने अपने स्तर पर न तो ट्रेडमिल के लिए आर्डर दिया है और न ही वाशिंग मशीन के लिए औ ना ही एसी के लिए। साथ ही जिस छाते की कीमत अधिक बताई जा रही है वह घरेलू उपयोग में लाया जाने वाला छाता नहीं बल्कि एक विशेष छाता है, जिसकी कीमत असल में वही है जो सीजीओसी ने जारी की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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