रूस में जंगल की आग में आठ मरे

मध्य रूस में जंगल की आग धधक रही है जिसमें अब तक तक आठ लोग मारे जा चुके हैं.
रूस के लोगों ने बरसों तक ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया है, बर्फ़ीले मौसम के आदी रूस में पिछले एक महीने से काफ़ी गर्मी पड़ रही है, गुरुवार को मॉस्को में सबसे गर्म दिन था.
हालाँकि भारत जैसे देशों के मुक़ाबले यह कोई बहुत अधिक नहीं था लेकिन 39 डिग्री सेल्सियस रूस के लिए बहुत ज्यादा है और इस गर्मी को ही जंगल की आग की वजह समझा जा रहा है.
राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने रूसी प्रधानमंत्री व्लादीमिर पुतिन से कहा है कि वे जंगल की आग को बुझाने के लिए जल्द क़दम उठाएँ.
उन्होंने इस काम में सेना की मदद लेने के लिए रक्षा मंत्रालय को भी निर्देश दिए हैं.
व्लादिमीर पुतिन इस समय निज़नी नोवोग्राद में हैं जो इलाक़ा जंगल की आग से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. पुतिन उस गाँव में गए हैं जहाँ लगभग सभी साढ़े तीन सौ मकान पूरी तरह जल गए हैं, उन्होंने लोगों से वादा किया कि उनके घर सर्दियों से पहले रहने के लिए दोबारा बना दिए जाएँगे.
नोवोग्राद इलाक़े में प्रभावित हुए लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन कभी इस तरह की मुसीबत का सामना नहीं किया है.
ज़्यादातर लोगों का कहना है कि जंगल की आग इतनी तेज़ थी कि देखते देखते उसने सभी घरों को अपनी चपेट में ले लिया. लोगों का कहना है कि सब कुछ जल गया है और कम से कम दो हज़ार लोग ऐसे हैं जो सरकारी राहत सामग्री के बूते जीवित हैं क्योंकि उनका सब कुछ आग में नष्ट हो चुका है.












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