राष्ट्रमंडल खेल परियोजनाओं में भारी अनियमितता का खुलासा (लीड-1)
नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी 16 परियोजनाओं में 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितिता का खुलासा किया है। इन परियोजनाओं में खेल संकुलों का उन्नयन और सड़कों को चौड़ा करने संबंधी परियोजनाएं शामिल हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और केंद्रीय खेल मंत्री मनोहर सिंह गिल ने इस रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस रिपोर्ट के बारे में जानकारी ही नहीं है।
राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन को लेकर अब तक बढ़-चढ़कर बयानबाजी करते आ रहे दोनों नेताओं ने कहा कि सीवीसी रिपोर्ट में जो कुछ कहा गया है, उसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
रिपोर्ट में घटिया सामग्री का इस्तेमाल, नीलामी प्रक्रिया में गड़बड़ी, गैर जरूरी परियोजनाओं को मंजूरी, ठेकेदारों के चयन में पक्षपात तथा निजी निविदाकारों को नीलामी के बाद आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ की अनुमति जैसी अनियिमितताएं शामिल हैं।
गुरुवार को जारी सीवीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रमंडल खेल गांव तरणताल, प्रशिक्षण हॉल और एथलेटिक्स ट्रैक सहित इन खेलों से जुड़ी 16 परियोजनाओं के दौरान भारी अनियमितिता बरती गई है।
इसके अलावा दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा नेशनल स्टेडियम और एसपीएम तैराकी स्थल में किए गए पुनर्निमाण कार्य के दौरान भी धांधली की गई है।
साथ ही साथ नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा तालकटोरा स्टेडियम में किए गए निर्माण कार्य के दौरान तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा किए गए कार्यो में भी अनियमितता बरती गई है।
एक सूत्र ने कहा कि खेल गांव से जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम तक बारापुल्ला उड़न मार्ग परियोजना की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है।
इस बीच मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने पत्रकारों से कहा, "रिपोर्ट में क्या कहा गया है, मुझे उसकी जानकारी नहीं है। मुझे नहीं पता कि आपको यह जानकारी कहां से मिली।"
गिल ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें इस रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं है। बकौल गिल, "पहले रिपोर्ट को हमारे पास आने दीजिए।"
सीवीसी की रिपोर्ट में जिन 16 खेल परियोजाओं पर उंगली उठाई है, उनमें खेल गांव तरणताल, प्रशिक्षण हाल और अथलीट ट्रैक दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधीन हैं, मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम और एसपीएम तरणताल केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के जिम्मे है। वहीं तालकटोरा स्टेडियम का सुधार कार्य नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के तहत हुआ है। इसके अलावा कुछ अन्य परियोजनाएं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मातहत रही हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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