परमाणु मुद्दे पर मतभेदों को दूर करेंगे भारत-रूस
राव शनिवार को मास्को जाएंगी। इस दौरान होने वाली चर्चाओं में रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के प्रस्तावित भारत दौरे के एजेंडे को मूर्त रूप दिया जाएगा। मेदवेदेव वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिसंबर में नई दिल्ली आ सकते हैं।
राव का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब रूस ने भारत को बेचे जाने वाले परमाणु उपकरणों और सामग्रियों के कारण घटने वाली किसी परमाणु दुर्घटना की जिम्मेदारी लेने का विरोध किया है।
उच्च पदस्थ सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि मास्को में बातचीत के दौरान राव इस मुद्दे को उठाएंगी।
दोनों पक्ष व्यापार और आर्थिक संबंधों की मजबूती के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा भी करेंगे और हाल में एक ऑनलाइन खुलासे के बाद अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा करेंगे। खुलासे में कहा गया था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसिस इंटेलिजेंस का तालिबान से संबध है और वह अफगानिस्तान में भारत विरोधी गतिविधियों को हवा दे रहा है।
भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) और एटमस्ट्रॉयएक्सपोर्ट के बीच कुदनकुलम में 1,000 मेगावाट के चार अतिरिक्त रिएक्टरों की आपूर्ति के लिए पिछले दौर की व्यावसायिक बातचीत के दौरान परमाणु मुद्दे पर दायित्व को लेकर मतभेद उभर आए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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