कश्मीर में शांति बहाली अब भी संभव : सोज

जॉर्ज जोसेफ

नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के हालात अब भी शांति बहाल करने के लायक हैं, लेकिन इसके लिए प्रशासन में सुधार लाना होगा। कश्मीर में आए दिन विद्रोहियों के प्रदर्शन, भीड़ द्वारा पथराव आम है। पिछले महीने हिंसा में यहां 17 नागरिकों की मौत हो गई थी।

53 वर्षीय प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने अपने आवास पर आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, "मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को दोष देना उचित नहीं है। समस्याएं उमर के दरवाजे पर जाकर खत्म नहीं होतीं।"

राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सोज ने कहा, "राज्य में प्रशासन की गुणवत्ता और स्थिति में सुधार लाना होगा।" उल्लेखनीय है कि अब्दुल्ला की नेशनल कांफ्रेंस कश्मीर में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सत्तारूढ़ है।

सोज ने कहा, "मैं समझता हूं कि मेरी पार्टी और और गठबंधन में साझीदार नेशनल कांफ्रेंस के मंत्रियों तथा नौकरशाहों को कार्य-प्रदर्शन में सुधार लाना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "मंत्रियों और नेताओं को यह एहसास करना होगा कि राजनीति आनंद लेने के लिए नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ने के लिए होती है।"

सोज ने कहा कि हालात अब भी बहाल करने लायक है, अगर लोगों की शिकायतों को समझा जाए।

उन्होंने कहा, "हालात बिगड़े होने के बावजूद मैंने पिछले हफ्ते दक्षिणी कश्मीर का दौरा किया। अनंतनाग में मैंने एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें 2,000 लोग शामिल हुए। उन्होंने पत्थर नहीं फेंके। लेकिन उन्होंने हमसे अपने दैनिक जीवन के बारे में बात की।"

सोज ने कहा, "मैं शुक्रवार को कश्मीर जा रहा हूं। वहां से आकर जमीनी हकीकत पर गौर करूंगा। दिल्ली में बैठकर कश्मीर की रिपोर्ट तैयार नहीं की जा सकती। कश्मीर केवल पत्थरबाजी के लिए नहीं है।"

उल्लेखनीय है कि सोज संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की पहली सरकार में कांग्रेस नामित केंद्रीय मंत्री थे और इससे पहले वह एच.डी. देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली संयुक्त मोर्चा सरकार तथा इंद्र कुमार गुजराल के मंत्रिमंडल में नेशनल कांफ्रेंस के प्रतिनिधि के रूप में शामिल थे।

उन्होंने कहा कि कश्मीरियों को तत्काल राहत मुहैया कराने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों में 70 हजार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वर्ष 2008 में अमरनाथ भूमि विवाद में गोलीबारी में 55 लोगों की मौत हो गई थी, उनके परिवारों को पुनर्वास की जरूरत है।

सोज ने कहा कि आम नागरिकों की मौत को रोकने के लिए राज्य पुलिस और अर्धसैनिक बलों को मिलकर काम करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि कश्मीर में पिछले चार हफ्ते में हिंसा में 17 नगारिकों की मौत हो चुकी है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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