'लीक हुए दस्तावेज़ों के आकलन में हफ़्तों लगेंगे'

'लीक हुए दस्तावेज़ों के आकलन में हफ़्तों लगेंगे'

अमरीकी सेना ने कहा है कि गुप्त समझे जाने वाले 90 हज़ार से ज़्यादा दस्तावेज़ों के एक वेबसाइट पर लीक होने से पड़ने वाले असर के आकलन में कई हफ़्ते लग सकते हैं.

इन दस्तावेज़ों में ये दावा भी किया गया है कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई ने अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध में तालिबान की मदद की है.

लीक हुए दस्तावेज़ों में कहा गया है कि कथित रूप से दिसंबर 2006 में विद्रोहियों और पूर्व आईएसआई प्रमुख हामिद गुल के बीच मुलाक़ात हुई थी जिसमें कथित रूप से उन्होंने तीन लोग काबुल भेजे थे ताकि हमले किए जा सकें.

हालांकि पाकिस्तान में राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा है कि ये लीक अमरीका और पाकिस्तान के बीच नई रणनीतिक बातचीत को नुकसान पहुँचाने की कोशिश है.

लीक हुए दस्तावेज़ वेबसाइट विकीलीक्स (wikileaks) पर प्रकाशित हुए हैं और उनमें अफ़ग़ानिस्तान में जारी लड़ाई के बारे में विस्तृत जानकारी है. इसमें ऐसे मौतों के बारे में भी बताया गया है जिनके बारे में अब तक जानकारी नहीं थी. विकीलीक्स ने सूत्र बताने से मना कर दिया है.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के कार्यालय की ओर से कहा गया है कि दस्तावेज़ साफ़ तौर पर अफ़ग़ानिस्तान की उस बात की पुष्टि करते हैं कि आतंकवाद पर सफलता अफ़ग़ान गाँवों में लड़ने से नहीं बल्कि आतंकवाद के उन गढ़ को निशाना बनाकर हासिल की जा सकती है जहाँ सीमा पार से इसे आर्थिक और वैचारिक मदद मिलती है.

युद्ध अपराध?

इन दस्तावेज़ों में नैटे की इस अंदरूनी चिंता को ज़ाहिर किया गया है कि पाकिस्तानी ख़ुफ़िया तंत्र ने तालिबान की मदद की.

व्हाइट हाउस ने लीक की इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि इससे अमरीका की सुरक्षा को ख़तरा हो सकता है.

अफ़ग़ान वॉर डायरी के नाम से प्रकाशित ये दस्तावेज़ अमरीका में तथ्य लीक होने की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है.

इन दस्तावेज़ों के लीक होने को एक आपराधिक कृत्य मानते हुए पेंटागन प्रवक्ता ने कहा कि अमरीकी अधिकारी दस्तावेज़ों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि वो ये समझ सकें कि क्या ये दस्तावेज़ सूत्र और तरीकों को उजागर तो नहीं करते.

व्हाइट हाउस प्रवक्ता रॉबर्टस गिब्बस ने कहा कि ये अफ़ग़ान युद्ध के बारे में नई बातें सामने नहीं आई हैं लेकिन ये जानकारियाँ नुकसानदेह हो सकती हैं.

उन्होंने बताया कि ये दस्तावेज़ उस समय से पहले के हैं जब बराक ओबामा ने अफ़ग़ानिस्तान को दिए जाने वाले संसाधनों में वृद्धि की थी.

वहीं विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे ने लंदन में पत्रकारों को बताया कि इन दस्तावेज़ों पर शक़ करने का उनके पास कोई कारण नहीं है.

ये कागज़ात पहले से ही न्यूयॉर्क टाइम्स, द गार्डियन और जर्मनी की एक पत्रिका को दिए गए थे.

विकीलीक्स के संस्थापक से जब पूछा गया कि क्या दस्तावेज़ों में जिन घटनाओं का ज़िक्र किया गया है क्या वे युद्ध अपारध हैं तो उन्होंने कहा कि ये तय करना अदालत का काम है लेकिन तथ्यों को देखकर युद्ध अपराधों के संकेत मिलते हैं.

द गार्डियन और न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बारों ने कहा है कि दस्तावेज़ लीक करने वाले मुख्य सूत्र से उनका कोई संपर्क नहीं हुआ है लेकिन उन्होंने कई हफ़्तों तक तथ्यों की जाँच पड़ताल की है.

इस साल विकीलीक्स ने एक वीडियो भी पोस्ट किया था जिसमें दिखाया गया था कि बग़दाद में 2007 में अमरीकी सैन्य हेलिकॉप्टर से नागिरकों की मौत हुई थी.

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