ब्याज दरों में वृद्धि का बुरा असर पड़ेगा : उद्योग
वाणिज्य एवं उद्योग संगठन फिक्की ने इस वृद्धि को अचंभित करने वाला कदम बताया है। फिक्की के अध्यक्ष रंजन भारती मित्तल ने कहा कि रिवर्स रेपो दर में इस वृद्धि से व्यापारिक बैंक आरबीआई को कर्ज देने के लिए आकर्षित होंगे और उद्योगों को कर्ज की उपलब्धता घट जाएगी।
रिजर्व बैंक द्वारा मंगलवार को जारी मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.75 प्रतिशत और रिवर्स रेपो दर 50 आधार अंक बढ़ाकर 4.50 प्रतिशत कर दी गई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि इस वृद्धि से महंगाई कम करने में मदद मिलेगी वहीं योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया का मानना है कि इससे अर्थव्यवस्था में विकास दर पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
एसोचैम की अध्यक्ष पीरामल ने कहा, "प्रमुख दरों में वृद्धि के चलते अब वाणिज्यिक बैंकों से कर्ज की दरों में 25-50 आधार अंकों की वृद्धि हो सकती है।"
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के हरि भरतिया का कहना है, "महंगाई दर दोहरे अंकों में होने से प्रमुख दरों में वृद्धि अनुमानित थी लेकिन अब सीआईआई को चिंता है कि इसका असर बैंकों के कर्ज की दरों पर भी पड़ेगा।"
आरबीआई मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा कि कर्ज की मांग में वृद्धि के चलते कर्ज पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।
सुब्बाराव ने कहा, "कर्ज की मांग बढ़ रही है, हमें उम्मीद है कि कर्ज और जमाओं पर ब्याज दरों में वृद्धि होगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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