मछली में गायब हो रही खतरे को सूंघ लेने की क्षमता

लंदन, 18 जुलाई (आईएएनएस)। एक नए अनुसंधान में इस बात का खुलासा हुआ है कि मछली में खतरे को सूंघ लेने की क्षमता समाप्त हो रही है, क्योंकि समुद्र ज्यादा अम्लीय होते जा रहे हैं।

समाचार पत्र टेलीग्राफ ने खबर दी है कि समुद्र के अम्लीकरण के प्रभाव का अध्ययन कर रहे समुद्री जीवविज्ञानियों ने पाया है कि यह मछली की घ्राण शक्ति पर असर डालता है। अम्लीकरण तब होता है, जब कार्बन डाईऑक्साइड समुद्र के पानी में घुलता है।

जीवविज्ञानियों ने इस बात का पता लगाया है कि अधिक कार्बन डाईऑक्साइड वाले पानी में पलने वाली युवा मछली शिकारियों की गंध पहचानने में अक्षम हैं।

आस्ट्रेलिया के क्वींस लैंड में जेम्स कुक युनिवर्सिटी में इस अनुसंधान को संपन्न करने वाले फिलिप मुंडे ने कहा, "वातावरण में कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा जितनी बढ़ती है, उसी अनुसार समुद्र में भी उसकी मात्रा घुल जाती है।"

मुंडे ने कहा, "हमने पाया है कि इस सदी के अंत में समुद्र में कार्बन डाईऑक्साइड का जो स्तर पाया जा सकता है, वह मछली के बच्चों की सूंघने की क्षमता और व्यवहार पर असर डालता है। उनका व्यवहार अपेक्षाकृत खतरनाक होगा जो उन्हें अधिक हिंसक बनाएगा।"

अनुसंधानकर्ता अपने निष्कर्षो को बेलफास्ट में मछली और जलवायु परिवर्तन पर इसी महीने आगे चल कर आयोजित होने वाले एक सम्मेलन में प्रस्तुत करेंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+