क्लिंटन पाकिस्तान पहुंची
समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार क्लिंटन के इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों की साझेदारी मजबूत करना है। अमेरिकी अधिकारी इसे पड़ोसी अफगानिस्तान में युद्ध तेज करने के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।
अफगानिस्तान के दानदाता देशों के मंगलवार को काबुल में होने वाले सम्मेलन में शामिल होने से दो दिन पहले क्लिंटन पाकिस्तान पहुंची हैं।
जुलाई 2011 से अमेरिकी सेनाओं की वापसी शुरू करने के राष्ट्रपति बराक ओबामा के लक्ष्य को देखते हुए काबुल सम्मेलन का उद्देश्य अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई को अधिक रक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारियां देना हैं।
पाकिस्तान के दो दिवसीय दौरे में हिलेरी के शीर्ष नागरिक और सैन्य नेताओं से मुलाकात करने की उम्मीद है।
पाकिस्तानी दैनिक ने कहा कि अमेरिकी मंत्री के आर्थिक सहायता की भी घोषणा करने की उम्मीद है। वाशिंगटन को उम्मीद है कि इससे पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के दोनों ओर तालिबान से संघर्ष में भरोसमंद साझेदार देश की अमेरिका की छवि प्रदर्शित होगी।
पाकिस्तान में आत्मघाती हमलों में वृद्धि चलते अमेरिकी अधिकारी क्लिंटन के दौरे के ब्योरे को गुप्त रख रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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