उमर ने प्रधानमंत्री और सोनिया से मुलाकात की (राउंडअप)
नई दिल्ली/श्रीनगर, 17 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को केंद्र सरकार से बातचीत की और राज्य में शांति बहाली के उपायों पर चर्चा की। इस बीच कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में स्थिति सामान्य के करीब दिखाई दी।
घाटी में 11 दिनों की बंदी के बाद स्कूल, दुकानें और कार्यालय फिर से खुल गए। ऐसा तब संभव हुआ, जब अलगाववादियों ने लोगों से कहा कि एक दिन के लिए स्थिति को सामान्य बनाए रखें।
बाजार खरीदारों से पट गए थे। लोग रविवार को आहूत एक और बंद तथा आगे तक चलने वाले विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर सामानों की अधिक खरीदारी करने में जुटे हुए थे।
सड़कों पर सार्वजनिक और निजी, दोनों तरह के सैकड़ों वाहन दिखाई दिए। दो हफ्तों से घरों में बंद बच्चे स्कूली वर्दी में अपनी कक्षाओं में लौटकर खुश दिखाई दिए।
प्रजेंटेशन कानवेंट स्कूल की छात्रा मदीहा (14) ने कहा, "यह एक अच्छा अनुभव है। मैं 12 दिनों के बाद पहली बार स्कूल में अपने मित्रों से मिलूंगी।"
एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि घाटी में कहीं भी कोई प्रतिबंध लागू नहीं है।
ज्ञात हो कि राज्य में 11 जून को सुरक्षा बलों के हाथों 17 वर्षीय युवक, तुफैल मट्ट के कथित रूप से मारे जाने के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी हैं। विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 13 लोग मारे जा चुके हैं। हिंसा को बेकाबू होते देख मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य में कर्फ्यू का आदेश दिया और कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करने में सेना की मदद मांगी।
हालात पर समय रहते नियंत्रण न कर पाने के लिए मुख्य विपक्षी पार्टियों और अलगाववादियों की आलोचना झेलने के बाद अब्दुल्ला ने शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिल्ली में मुलाकात की और घाटी के ताजा हालात की जानकारी दी।
चिदंबरम से हुई अपनी मुलाकात के बाद अब्दुल्ला ने कहा, "हमने राज्य की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। यह मुलाकात राज्य में कानून-व्यवस्था के संदर्भ में हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा के लिए थी।"
समझा जा रहा है कि उमर ने सोनिया से भी राज्य की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। सूत्रों ने कहा कि सोनिया गांधी ने भी उमर को अपनी पार्टी का पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिया है।
जम्मू एवं कश्मीर में उमर के नेतृत्व वाली नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है। कांग्रेस ने पिछले दिनों ही स्पष्ट कर दिया था कि वह कश्मीर के हालात सामान्य करने के उमर के प्रयासों में उनका पूरा सहयोग करेगी।
उमर ने कहा कि चिदंबरम के साथ उनकी गहन बातचीत हुई। उन्होंने बताया, "हमने इस संदर्भ में चर्चा की कि फिलहाल हम लोग कहां हैं और आगे किस तरह के कदम उठाने हैं।"
उन्होंने कहा, "मुलाकात के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों को कैसे इस काबिल बनाया जाए कि वे भीड़ पर काबू कर सकें और निर्दोषों की जान भी न जाए।"
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के साथ इस मुलाकात में भविष्य के कदमों पर भी चर्चा की गई ताकि घाटी में पूरी तरह से शांति बहाल की जा सके।
घाटी में सेना से जुड़े एकसवाल पर उमर ने कहा, "आतंकवाद के खिलाफ राज्य में लड़ रहे सुरक्षा बलों का सेना भी एक हिस्सा है जो नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तैनात रहती है। इसके अलावा कश्मीर में सेना की कोई और भूमिका नहीं है।"
गौरतलब है कि पिछले दिनों में घाटी में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों में कई लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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