अवैध खनन पर कर्नाटक की लड़ाई दिल्ली पहुंची (राउंडअप)
अपनी ही सरकार के मंत्रियों पर कार्रवाई करने का दबाव झेल रहे मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के अलावा भाजपा के आला नेताओं से मुलाकात की तो वहीं राज्य कांग्रेस के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने भी प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से भेंट की।
चिदंबरम से मुलाकात के बाद येदियुरप्पा ने यह स्पष्ट किया कि वह अवैध खनन का आरोप झेल रहे रेड्डी बंधुओं को मंत्रिमंडल से निकालने नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मंत्री के ऊपर लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो 24 घंटे के अंदर वह उसका इस्तीफा ले लेंगे।
येदियुरप्पा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मेरे मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य पर कोई आरोप नहीं है और यदि किसी पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो 24 घंटे के भीतर मैं उसका इस्तीफा ले लूंगा।"
रेड्डी बंधुओं से इस्तीफा मांगने के सवाल पर उन्होंने कहा, "राजनीतिक दुश्मनी के चलते कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के नेता पर्यटन मंत्री जनार्दन रेड्डी और राजस्व मंत्री जी. करूणाकर रेड्डी को निशाना बना रहे हैं और उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।"
अवैध खनन के मामलों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच न कराने पर मुख्यमंत्री के अड़ने के बारे में पूछे जाने पर येदियुरप्पा ने कहा कि लोकायुक्त इस मामले की जांच करने में पूरी तरह सक्षम हैं और उन्हें सभी अधिकार प्राप्त हैं। जो भी दोषी होगा, हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। अवैध खनन रोकने के लिए बेहतर तरीका है कि लौह अयस्क के निर्यात पर ही प्रतिबंध लगा दिया जाए।
इसके बाद देर शाम कर्नाटक की वर्तमान परिस्थिति पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के निवास पर पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक हुई। बैठक के बारे में औपचारिक तौर पर कुछ भी नहीं बताया गया लेकिन सूत्रों के मुताबिक बैठक में आडवाणी ने कहा कि वर्तमान संकट से पार्टी की छवि को नुकसान हो रहा है। येदियुरप्पा ने देर शाम लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से भी मुलाकात की। स्वराज रेड्डी बंधुओं के बेहद करीबी मानी जाती हैं।
येदियुरप्पा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मुलाकात के बाद इधर पार्टी नेताओं से मिल रहे थे तो उधर कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और गृह मंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात करने पहुंचा और राज्य में अवैध खनन के मामलों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की।
इन नेताओं ने राज्य के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के इस्तीफे की भी मांग की।
सोनिया से मुलाकात के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आर. वी. देशपांडे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि येदियुरप्पा ने विधानसभा में स्वीकार किया है कि राज्य में अवैध खनन हो रहा है। "यह एक गंभीर मुद्दा है। इसकी जांच सीबीआई से होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अवैध खनन के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद कर रही है। अवैध खनन का एक गिरोह के रूप में काम हो रहा है जो कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहा है।
देशपांडे ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार सीबीआई जांच के लिए पहल करेगी।
देशपांडे के अलावा इस प्रतिनिधिमंडल में कर्नाटक मामलों के केंद्रीय प्रभारी गुलाम नबी आजाद, केंद्रीय मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे, के. एच. मुनियप्पा, कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया और कांग्रेस के केंद्रीय महासचिव बी. के. हरिप्रसाद शामिल थे।
उन्होंने कहा, "येदियुरप्पा के कार्यकाल के दौरान 5000 करोड़ रुपये का अवैध खनन हुआ है। इसलिए मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। हमने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात कर अवैध खान मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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