इलाहाबाद विस्फोट के लिए विपक्ष जिम्मेदार : मायावती (लीड-1)
मायावती ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, "इस बात का पुख्ता सबूत है कि 12 जुलाई को मेरे मंत्री नंद गोपाल नंदी को निशाना बनाकर हमला किया गया, क्योंकि उनकी लोकप्रियता समूचे विपक्ष की आंखों में चुभ रही थी।"
उन्होंने कहा, "सच तो यह है कि नंदी ने प्रभावशाली माने जाने वाले समजवादी पार्टी (सपा), भारतीय जनाता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के उम्मीदवारों को बुरी तरह हराकर क्षेत्र में अपनी पकड़ और लोकप्रियता साबित कर दी थी। इसके बाद से उन्हें विभिन्न विपक्षी दलों की ओर से धमकियां मिलने लगी थीं।"
मंत्री के हत्यारों का अपराधी से विधायक बने सपा नेता विजय मिश्रा से गहरा रिश्ता बताते हुए उन्होंने कहा, "राज खुल चुका है कि विजय मिश्रा के रिश्तेदार दिलीप मिश्रा ने नंदी की पिटाई की थी और वे चाहते थे कि नंदी चुनाव मैदान से हट जाएं।"
मायावती ने कहा, "नंदी ने फिर भी चुनाव लड़ने का फैसला लिया और विपक्षी नेताओं के धनबल के आगे अपनी लोकप्रियता की ताकत दिखा दी।"
उन्होंने कहा, "विजय मिश्रा के खिलाफ 30 और दिलीप मिश्रा के विरुद्ध कम से कम 58 आपराधिक मामले दर्ज हैं।"
विभिन्न राजनीतिक दलों के शासनकाल में हुई हिंसात्मक घटनाओं का जिक्र करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख ने कहा, "मेरे शासनकाल को 'जंगल राज' कहने वाले विपक्ष के लोग पहले अपने गिरेबान में झांककर देखें।"
उन्होंने कहा, "वर्ष 1991 से 2005 के दौरान कम से कम 38 राजनेताओं की हत्या हुई थी। उसी अवधि में 42 नेताओं पर कातिलाना हमला किया गया था।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "मुलायम सिंह यादव के शासनकाल 2003 से 2007 के दौरान तीन विधायकों, एक पूर्व विधायक और एक पूर्व सांसद की हत्या कर दी गई थी।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदी पर हुए हमले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और दिलीप मिश्रा की चार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर ली गई है।
इससे पहले कृपाशंकर पांडे एवं राजेश पायलट नाम के दोनों आरोपियों को पुलिस ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें 28 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गुपचुप तरीके से गुरुवार देर रात अदालत में पेश किया था।
उल्लेखनीय है कि 12 जुलाई को इलाहाबाद के मुट्ठीगंज इलाके में स्थित नंदी के आवास के बाहर विस्फोट किया गया था। हमला उस समय किया गया था जब मंत्री घर से बाहर निकलकर पास के मंदिर में जा रहे थे। इस हमले में राकेश मालवीय नाम के एक शख्स की मौत हो गई थी जबकि मंत्री व चार अन्य घायल हो गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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