भारत के साथ वार्ता जारी रखेंगे : गिलानी (लीड-2)
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने भारतीय प्रधानमंत्री को एक सम्मानित व्यक्ति बताते हुए कहा, "पाकिस्तान भारत के साथ वार्ता को जारी रखना चाहता है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुझे आश्वस्त किया कि सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।"
लहौर में एक समारोह से इतर उन्होंने कहा, "हम बात करना चाहते हैं, वे (भारत) बात करना चाहता है। जब बात हो रही है, हम सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस समय मैं नहीं कह सकता कि क्या होने वाला है।"
भूटान की राजधानी थिम्पू में अप्रैल में आयोजित दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के शिखर सम्मेलन के दौरान मनमोहन सिंह से हुई अपनी मुलाकात का हवाला देते हुए गिलानी ने कहा, " उन्होंने मुझे आश्वस्त किया कि दोनों देशों के बीच के सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।"
दोनों नेताओं ने अपने विदेश सचिवों और विदेश मंत्रियों को बैठक करने और आपसी विश्वास को बहाल करने के उपाय करने का निर्देश दिया।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा के बीच वार्ता गुरुवार को गतिरोध के साथ समाप्त हुई। पाकिस्तान ने जम्मू एवं कश्मीर में मानव अधिकारों का मामला उठाया और भारत ने 26/11 के मुंबई हमले के जिम्मेदार लोगों पर समय सीमा के भीतर कार्रवाई पर जोर दिया।
भारत के खिलाफ एक दिन पहले कड़ी टिप्पणी करने वाले कुरैशी ने शनिवार को कहा कि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए पाकिस्तान गंभीर है और वार्ता को जारी रखने का फैसला अच्छा संकेत है।
कुरैशी ने भी कहा, "पाकिस्तान, भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध सामान्य बनाने के लिए बेहद गंभीर है। एक दिन पहले मैंने भारत के विदेश मंत्री से मुलाकात की। हम दोनों बातचीत लगातार जारी रखने पर सहमत हुए। वार्ता जारी रखने का फैसला अच्छा संकेत है।"
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सामान्य संबंधों के दक्षिण एशिया और उससे परे भी लाभकारी दूरगामी परिणाम होंगे। 'फ्रेंड्स ऑफ डेमोक्रेटिक पाकिस्तान' (एफओडीपी) की बैठक में कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान इस दिशा में भरसक कोशिश करेगा।
कुरैशी ने कहा, "लंबे समय से पाकिस्तान और भारत संघर्षरत हैं। आपसी संबंधों को सामान्य बनाने के उद्देश्य से आपसी हितों और बराबरी के आधार पर सभी द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करने का यह सबसे उचित समय है।"
इससे पहले शुक्रवार को कुरैशी ने दावा किया था कि कृष्णा को बातचीत के दौरान बार-बार नई दिल्ली से हिदायतें मिल रही थीं इसीलिए विचार-विमर्श ठीक से नहीं हो सका। उधर कृष्णा ने पाकिस्तान के इन आरोपों को गलत बताया था कि भारत सभी मसलों पर वार्ता का इच्छुक नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सभी ज्वलंत और ठोस मुद्दों पर वार्ता को तैयार है
इस बीच पाकिस्तान के समाचार पत्र 'द न्यूज' के अनुसार शुक्रवार को ही इस्लामाबाद में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के शीर्ष राजनीतिक एवं सैन्य नेतृत्व ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक पर संतोष जाहिर करते हुए भारत के साथ वार्ता जारी रखने पर सहमति जाहिर की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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