्रफर्जी नेपाली पासपोर्टों पर भारत ने चिंता जताई
काठमांडू, 17 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के साथ पासपोर्ट निर्माण समझौते को तीन महीने पहले रद्द करके उसे फ्रांसीसी कपंनी को देने के नेपाल के फैसले पर विवाद बढ़ता जा रहा है।
भारत ने असुरक्षित नेपाली पासपोर्टों से होने वाले खतरे पर चिंता जताई है।
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने इस संबंध में नेपाल के विदेश मंत्रालय को एक पत्र भेजकर कहा कि नए नेपाली पासपोर्टों में सुरक्षा उपायों के कमजोर होने की आशंका चिंताजनक है।
भारतीय दूतावास ने पत्र में कहा कि नेपाली मीडिया में विभिन्न हिस्सों से इस मुद्दे पर चिंता जाहिर किए जाने से उसका ध्यान इस ओर गया।
इससे पहले वर्ष के आरंभ में भारत ने मशीन से पढ़े जा सकने वाले 40 लाख नेपाली पासपोर्टों के निर्माण का ठेका सरकारी कपंनी सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड को देने का प्रस्ताव रखा था।
भारत न्यूनतम दर पर इस सौदे को पूरा करना चाहता था क्योंकि उसकी प्राथमिक चिंता नेपाली पासपोर्टों के सुरक्षा मानकों को लेकर थी जिनसे भारतीय सुरक्षा प्रभावित होती है।
भारत और नेपाल के बीच वर्ष 1950 की शांति और मैत्री संधि के अनुसार नेपाली पासपोर्ट धारक को भारत यात्रा या ठहरने के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं होती। इसी तरह भारतीय नागरिकों को नेपाल में बिना वीजा के जाने की छूट है।
नेपाली पासपोर्ट धारक भारत में बैंक खाते खोल सकता है, बिना अनुमति के नौकरी कर सकता है और संपत्ति की खरीद कर सकता है।
दूतावास के पत्र में विदेश मंत्रालय का ध्यान गैर नेपाली लोगों द्वारा नेपाली पासपोर्ट बनवाकर धड़ल्ले से उनके इस्तेमाल की ओर आकर्षित किया गया है।
नेपाल में भारतीय राजदूत राकेश सूद ने कहा कि पिछले वर्ष नेपाल की सीमा से भारत में घुसकर आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त करीब 20 लोगों को पकड़ा गया। आशंका है कि इन लोगों ने फर्जी नेपाली पासपोर्ट का उपयोग किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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