कश्मीर: रात में सन्नाटा, दिन में गोलियों की गूंज
जम्मू, 17 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले के बेरी रख वनक्षेत्र में रातभर सन्नाटा पसरा रहता है और सुबह होते ही गोलियों की आवाज गूंजने लगती है। यहां पिछले चार दिनों से भारतीय सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। इसमें अब तक एक मेजर की मौत हो चुकी है और सेना के 11 जवान घायल हुए हैं।
सेना और आतंकवादियों के बीच अब तक लंबी चलीं मुठभेड़ों में से एक इस मुठभेड़ का शनिवार को पांचवा दिन था। ग्यारह घायलों में एक कर्नल, एक मेजर और एक जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) शामिल है। घायलों में से चार की हालत गंभीर है।
नियंत्रण रेखा (एलओसी) के उस पार से भारत आए चार आतंकियों में से दो जम्मू से 230 किलोमीटर दूर मेंढर क्षेत्र के बेरी रख में मारे गए हैं।
बचे हुए दो आतंकवादी सुरक्षा बलों से बचने के लिए रातभर चुप्पी लगाए रहते हैं क्योंकि यदि वे बंदूकें चलाएंगे या ग्रेनेड विस्फोट करेंगे तो इससे सुरक्षाकर्मियों को पता चल जाएगा कि वे किस जगह हैं।
सेना के एक सूत्र ने बताया कि वे अक्सर दिन के समय, खासकर सुबह गोली चलाते हैं, उस समय सैन्यकर्मियों की सेवाओं में फेरबदल होता है।
मंगलवार रात शुरू हुई यह मुठभेड़ दोनों पक्षों के बीच थोड़े-थोड़े अंतराल पर गोलाबारी होने के साथ जारी है।
सेना की टुकड़ी घने जंगल में धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। घने जंगल आतंकवादियों का पता लगाने वाले सुरक्षाकर्मियों के आगे एक गंभीर चुनौती खड़ी कर रहे हैं।
एक सैन्य अधिकारी ने बताया, "पांचवें दिन भी मुठभेड़ जारी है।"
आतंकवादियों ने 11 जुलाई को भारत में प्रवेश किया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस और सेना को उनकी गतिविधियों के संबंध में सूचित किया था। वैसे मुठभेड़ 13 जुलाई की रात से जारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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