टैगोर की और भी कृतियों का हिंदी अनुवाद हो : शर्मिला
शर्मिला रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे गगनेन्द्रनाथ टैगोर की प्रपौत्री हैं। वह इन दिनों निजी कार्य से राजधानी आई हुई हैं।
सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष टैगोर ने आईएएनएस से कहा, "नोबेल पुरस्कार प्राप्त टैगोर की 150वीं जयंती उनके काम से अनभिज्ञ युवाओं के लिए उस महान कवि की साहित्यिक और कलात्मक उपलब्धियों को जानने का एक अच्छा अवसर है। उनका साहित्य और कला एक महासागर की तरह है। उनकी और भी साहित्यिक कृतियों का हिंदी में और फिर अंग्रेजी में अनुवाद होना चाहिए।"
शर्मिला ने कहा कि वह और उनका परिवार टैगोर के काम को लोगों तक पहुंचाने के लिए साल भर काम करेगा।
उन्होंने कहा, "हम टैगोर की 150वीं वर्षगांठ पर गठित सरकार की राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति का हिस्सा नहीं हैं। हम निजी तौर पर काम कर रहे हैं।"
शर्मिला पटौदी के नवाब मंसूर अली खान की पत्नी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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