नायडू, तेदेपा नेताओं की पुलिस हिरासत बरकरार
पुलिस उनको एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी लेकिन नेताओं ने जमानत न मांगने का फैसला किया है।
तेदेपा के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों सहित 75 नेताओं ने शुक्रवार रात धर्माबाद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में गुजारी और गोदावरी नदी पर बाबली बांध के निरीक्षण की अनुमति नहीं मिलने तक महाराष्ट्र छोड़ने से इंकार कर दिया। उनका आरोप है कि सर्वोच्च न्यायालय और केंद्रीय जल आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करके महाराष्ट्र इस बांध का निर्माण कर रहा है।
तेदेपा नेताओं ने कहा कि नायडू और अन्य लोगों ने आईटीआई में रात चटाइयों पर गुजारी। इन लोगों में महिलाएं भी हैं। गिरफ्तार नेताओं को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं दी गईं लेकिन वे अपना विरोध जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नायडू ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया है।
तेदेपा नेताओं को आंध्र-महाराष्ट्र सीमा पर शुक्रवार दोपहर को महाराष्ट्र में प्रवेश करते समय गिरफ्तार किया गया था। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के किसी भी स्थान पर जाने का उनको अधिकार है।
तेदेपा नेताओं को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने पुलिस बल तैनात किया था और बाबली के आसपास निषेधाज्ञा लागू की थी। पार्टी का आरोप है कि महाराष्ट्र पुलिस ने उसके नेताओं को धोखे से गिरफ्तार किया।
तेदेपा नेताओं से बांध परियोजना को दिखाने का वादा किया गया लेकिन बाद में उनके वाहनों को धर्माबाद आईटीआई की ओर मोड़ दिया गया।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर.आर.पाटील ने शुक्रवार शाम नायडू से फोन पर बात की और उनको आंध्र प्रदेश लौट जाने की सलाह दी।
नायडू की गिरफ्तारी के विरोध में आंध्र प्रदेश में तेदेपा का विरोध प्रदर्शन जारी है। पार्टी ने शनिवार को जिला अधिकारियों के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन का आह्वान किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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