मंत्री पर हमले के आरोपी जेल भेजे गए
लखनऊ, 16 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के संस्थागत वित्त मंत्री नंद गोपाल नंदी पर हमले के आरोप में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को इलाहाबाद जिला अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
कृपाशंकर पांडे एवं राजेश यादव नामक दोनों आरोपियों को पुलिस ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें 28 जुलाई तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गुपचुप तरीके से गुरुवार देर रात अदालत में पेश किया था।
इलाहाबाद के नैनी इलाके से बुधवार देर रात गिरफ्तार कृपाशंकर एवं राजेश ने पूरी घटना का खुलासा कर पुलिस को बताया कि हमले का मास्टरमाइंड इलाहाबाद के चाकाका ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा था।
लखनऊ में गुरुवार शाम राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने संवाददाताओं को बताया था कि दोनों से पूछताछ में पता चला कि मंत्री पर हमले का सूत्रधार और साजिशकर्ता दिलीप मिश्रा था जो फिलहाल अपने गनर की हत्या के आरोप में आगरा जेल में बंद है। राजेश पायलट नामक अपराधी ने पूरी घटना को अंजाम दिया, जिसे दिलीप ने हमले की जिम्मेदारी सौंपी थी।
पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने मंत्री पर हमला करने से पहले उनके घर के आस-पास रेकी भी की थी।
बृजलाल के मुताबिक दिलीप मिश्रा ने दोनों आरोपियों से हमले में मदद मांगी थी। उसने दोनों से कहा गया कि मंत्री नंद गोपाल ने उसे परेशान कर रखा है। सारी संपत्ति कुर्क करवा दी है। अब मंत्री को ठिकाने लगाने के आलावा कोई उपाय नहीं है।
दिलीप ने दोनों आरोपियों को यह भी बताया था कि हमले में भदोही से समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक विजय मिश्रा और महेंद्र मिश्रा भी हर संभव मदद को तैयार हैं।
बृजलाल के मुताबिक हमले के पांच दिन पहले दोनों आरोपी दिलीप के साले मनोज पांडे के घर एकत्र हुए जहां पर मनोज, उसका भाई जितेंद्र पांडे, पुरुषोत्तम दुबे, राजेश पायलट व एक अन्य व्यक्ति मौजूद थे। वहीं पर हमले की पूरी रूपरेखा बनी। ये दोनों उसी शाम पायलट को लेकर मंत्री के इलाहाबाद स्थित आवास गए और वह मंदिर दिखाया, जहां मंत्री रोज दशर्न करने जाते थे।
योजना के मुताबिक ये दोनों 12 जुलाई को 10.30 बजे मंत्री के घर के पास पहुंचे और जैसे ही पता चला कि मंत्री घर से निकलकर मंदिर जाने वाले हैं, दोनों नुक्कड़ पर खड़े पायलट को इशारा करके मौके से निकल गए। थोड़ी देर बाद दोनों ने तेज धमाके की आवाज सुनी। दोनों दूर खड़ी अपनी गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गए।
बृजलाल ने कहा कि जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। घटना की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक और रिमोट के जरिये जिस स्कूटी से विस्फोट कराया गया, उसकी पहचान की कवायद जारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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