गांधी की गायब वस्तुओं का सुराग नहीं
जांच अधिकारी ने रविवार को बताया, "इसका कोई सबूत नहीं है कि गांधी के निजी उपयोग की वस्तुएं कस्तूरबा मेमोरियल में रखी थीं। सबूत के अभाव में हम लाचार हो गए हैं।"
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने जांच तीन जुलाई को शुरू की थी।
मेमोरियल का संचालन करने वाली संस्था कस्तूरबा आश्रम ट्रस्ट ने वहां रखी वस्तुओं का लेखा-जोखा नहीं रखा है। वस्तुओं के नाम कहीं दर्ज नहीं रहने के कारण जांच में व्यावहारिक कठिनाई आ रही है।
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से समय-समय पर पारित किए जाने वाले प्रस्तावों का भी रिकार्ड नहीं है।
ज्ञात हो कि कस्तूरबा धाम के प्रबंधक जयसिंह राठौड़ ने पिछले महीने दावा किया था कि मेमोरियल में महात्मा गांधी के निजी उपयोग की वस्तुएं प्रदर्शित किए जाने के दौरान कुछ लोगों ने वस्तुएं गायब कर दीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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