ब्रिटेन में 12 अनधिकृत भारतीय गिरफ्तार
वेंकट वेमुरी
लीसेस्टर, 12 जुलाई (आईएएनएस)। यूके बार्डर एजेंसी द्वारा यहां के दो कारखानों में की गई छापेमारी के दौरान एक महिला सहित 12 भारतीयों को गिरफ्तार किया गया है। हाल के दिनों में अनधिकृत आप्रवासियों की गिरफ्तारी की यह सबसे बड़ी घटना है।
गिरफ्तार आप्रवासियों में से अब तक छह को जमानत पर रिहा कर दिया गया है, बाकी दो अभी भी हिरासत में हैं। अधिकारियों ने उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों को हासिल करने के लिए शहर में उनके घरों को तलाश लिया है, ताकि उन्हें वापस भारत भेजा सके।
एक विज्ञप्ति के अनुसार अधिकारियों ने रेवाक क्लोथिंग और संजिरी माउल्डिंग्स में पिछले सप्ताह छापा मारा था। दोनों कारखाने लीसेस्टर में स्पाइनी हिल्स के लिंडेन स्ट्रीट पर स्थित हैं। अधिकारियों ने 31 लोगों से पूछताछ की थी और उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की थी। उसके बाद 12 को गिरफ्तार कर लिया गया था।
नियमानुसार किसी भी व्यापार में अनधिकृत श्रमिकों को रखने के लिए उस पर 10,000 पाउंड तक का जुर्माना किया जा सकता है, बशर्ते कि व्यापार का मालिक यह साबित करने में विफल हो जाए कि उसने अनधिकृत श्रमिकों को नियुक्त करने से पहले उचित छानबीन की थी। यदि नियम पर अमल किया गया तो दोनों कारखानों को सामूहिक रूप से 120,000 पाउंड का जुर्माना अदा करना पड़ सकता है।
कारखाना मालिकों ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि ये श्रमिक देश में अनधिकृत रूप से रह रहे थे।
बार्डर एजेंसी के फिल डर्म ने कहा, "हम आशा करते हैं कि विदेशी नागरिक नियमों का पालन करेंगे अन्यथा हम त्वरित कार्रवाई करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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