कश्मीर में फिर हिंसा, प्रधानमंत्री से मिले फारुक (राउंडअप)
इस बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई है कि अगले सप्ताह तक सशस्त्र बलों को हिंसाग्रस्त क्षेत्रों से हटा लिया जाएगा। उधर, उनके पिता तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री फारुक अब्दुल्ला ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात की।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "कर्फ्यू में ढील के दौरान अनंतनाग, पुलवामा और मैसुमा में असामाजिक तत्वों के पथराव शुरू करने के बाद कर्फ्यू फिर से लगा दिया गया।"
सोपोर और काकपोरा में चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। वहां कोई ढील नहीं दी गई थी। इससे पहले शुक्रवार को 'शब-ए-मेराज' (मुस्लिम पर्व) के मौके पर कर्फ्यू में ढील दी गई थी। इस दौरान वहां शांति बनी रही।
श्रीनगर में शुक्रवार को सेना ने फ्लैग मार्च भी नहीं किया था। लोग घरों से बाहर निकले और जरूरी समानों की खरीदारी की थी। जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई थी।
घाटी के वर्तमान हालात पर चर्चा के लिए उमर ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है परंतु पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने इस बैठक में शामिल न होने का फैसला किया है।
उमर ने श्रीनगर में समाचार चैनल एनडीटीवी के साथ बातचीत में कहा, "शुक्रवार से कोई बड़ी घटना नहीं हुई।" उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम कर्फ्यू में ढील दी गई थी, ताकि लोग रात को शब-ए-मेराज की नमाज अदा कर सकें।
बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए तीन दिनों पूर्व श्रीनगर में फ्लैग मार्च हेतु सेना की तैनाती के सरकार के निर्णय के बारे में उमर ने कहा, "यह मेरे लिए एक कठिन निर्णय था।"
उमर ने कहा कि उन्होंने अपने मंत्रालय के सहयोगियों और पार्टी नेताओं से विचार-विमर्श किया। "पहले मुझे खुद को तैयार करना पड़ा था।"
उन्होंने कहा कि शुक्रवार से सेना को घाटी में केवल 'आवश्यकता पड़ने पर ही इस्तेमाल करने' के लिए बुलाया गया है। उसे सड़कों पर तैनात नहीं किया गया है।"
यह पूछे जाने पर कि सेना को वापस बैरक में कब भेजे जाने की उम्मीद है, उमर ने कहा, "जब हमारा आत्मविश्वास उस स्तर पर पहुंच जाएगा, हम सेना को वापस भेज देंगे। यह अगले सप्ताह हो सकता है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कश्मीर में सुरक्षा बलों की गोलीबारी से मारे गए युवकों और अन्य नागरिकों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। "लेकिन मीडिया से दूर रहकर।"
इस बीच, फारुक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात कर राज्य के हालात से निपटने में उमर की सहायता करने का आग्रह किया।
नई दिल्ली स्थित जम्मू एवं कश्मीर भवन के अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि राज्य के स्थिति पर फारुक ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को आश्वस्त किया कि वह वर्तमान स्थिति से निपटने में उमर की सहायता करेंगे।
उन्होंने दोनों नेताओं से मदद की भी गुजारिश की ताकि उमर मौजूदा हालात से निपट सकें।
बाद में फारुख अब्दुल्ला श्रीनगर रवाना हो गए। गौरतलब है कि बीते बुधवार को श्रीनगर में सुरक्षा बलों की कथित गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के बाद पूरी घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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