विदेश मंत्रालय भी सोशल नेटवर्किं ग का सहारा लेगा
एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि विदेश मंत्रालय का लोक कूटनीति विभाग जल्द ही एक नया पोर्टल शुरू करने जा रहा है जिसमें फेसबुक और ट्विटर वेबसाइटों की तरह कोई भी हिस्सा ले सकता है।
यह पहली बार होगा जब सरकार का कोई मंत्रालय आधिकारिक तौर पर इंटरनेट के इस नए विकल्प का उपयोग करेगा।
इस विकल्प के उपयोग का पहला संकेत इसी बात से भी मिलता है कि विभाग ने गुरुवार को ट्विटर पर अपना अकाउंट शुरू किया है, जिसमें दो संदेश प्रसारित किए गए हैं।
अधिकारी हालांकि अभी इस बात को प्रचारित नहीं करना चाहते। उनका कहना है कि अभी यह काम प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि यह पोर्टल लोगों से संपर्क करने के लिए होगा और सोशल नेटवर्किं ग साइट्स से जुड़ा होगा।
मंत्रालय के जन संपर्क विभाग का भी मानना है कि नीति निर्माण के कार्य में जनता से जुड़ाव का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर इंटरनेट के इस विकल्प का भरपूर उपयोग करते रहे हैं। अक्सर उन्होंने अफ्रीकी देशों की यात्रा जैसे कम प्रचारित मुद्दों पर भी ट्विटर के जरिए अपने विचार प्रस्तुत किए हैं।
इनमें से हालांकि थरूर के कुछ संदेशों पर काफी विवाद हो चुका है।
देश में सरकारी विभागों और मंत्रालयों की अपनी वेबसाइटें मौजूद हैं लेकिन अब वे जनता से सीधा संपर्क भी स्थापित करना चाहते हैं। इससे पहले दिल्ली यातायात पुलिस ने भी फेसबुक और ट्विटर एकाउंट के जरिए लोगों से संपर्क स्थापित किया है।
कूटनीति के लिए फेसबुक और ट्विटर वेबसाइटों का उपयोग हालांकि नया नहीं है। अमेरिका और ब्रिटेन में ज्यादातर कूटनीतिज्ञ इन विकल्पों का उपयोग कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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