पांडे का शव दिल्ली पहुंचा (लीड-1)
हैदराबाद, 7 जुलाई (आईएएनएस)। नक्सली नेता चेरुकुरी राजकुमार उर्फ आजाद के साथ कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए स्वतंत्र पत्रकार हेमचंद्र पांडे का शव मंगलवार देर शाम दिल्ली पहुंच गया।
पांडे की पत्नी बबिता, पांडे के भाई और आंध्र प्रदेश के कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ता शव को लेकर दिल्ली पहुंचे। पुलिस ने शव को आदिलाबाद जिले के बेल्लामपल्ली में पांडे की पत्नी बबिता को सौंप था। बबिता का कहना है कि उसका पति नक्सली नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र पत्रकार था।
स्वतत्र पत्रकार और पीपुल्स युनियन फॉर डेमोकेट्रिक राइट्स के अध्यक्ष आशीश गुप्ता ने आईएएनएस को बताया, "शव को सात जंतर मंतर स्थित प्रमुख धार्मिक और सामाजिक सुधारक स्वामी अग्निवेश के कार्यालय ले जाया जाएगा, जहां बुधवार को लोग अपनी श्रद्धांजलि देंगे और उसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।"
गुप्ता ने कहा, "शुरू में हम शव को एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) को दान करना चाहते थे, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने शव लेने से इंकार कर दिया, क्योंकि पोस्टमार्टम के बाद चार-पांच दिन गुजर चुके हैं। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि अब शव किसी काम का नहीं है।"
इसके पहले बबिता और उसके अन्य रिश्तेदारों ने शव को आदिलाबाद से हैदराबाद लाया था, वहां उसे प्रेस क्लब में रखा गया था। वहां पत्रकारों ने पांडे को अपनी श्रद्धांजलि दी और उसके बाद शव दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
कुछ पत्रकारों ने शव को दिल्ली ले जाने के लिए धन इकट्ठा किया। इंडियन जर्नलिस्ट युनियन के सचिव के.श्रीनिवास रेड्डी और आंध्र प्रदेश प्रेस एकेडमी के पूर्व अध्यक्ष डी.अमर ने पांडे को श्रद्धांजलि नहीं दी। पत्रकारों ने इसके लिए इन दोनों को आड़े हाथों लिया।
श्रीनिवास रेड्डी और अमर ने कहा कि वे पूरी तरह आश्वस्त नहीं है कि पांडे पत्रकार था। कुछ पत्रकारों ने दोनों के खिलाफ नारेबाजी की।
उत्तराखण्ड से संबंध रखने वाला पांडे दिल्ली में रहता था और संभवत: कुछ हिंदी अखबारों के लिए काम करता था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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