हरियाणा में बाढ़ से हालात बिगड़े
अंबाला/कुरुक्षेत्र, 7 जुलाई (आईएएनएस)। हरियाणा के अंबाला और कुरुक्षेत्र जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण यहां के निवासियों और यहां से गुजरने वाली रेलगाड़ियों के यात्रियों के लिए हालात बिगड़ गए हैं।
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लोगों का कहना है कि पिछले 24 घंटों से उन्हें स्थानीय या रेलवे प्रशासन की ओर खाने-पीने की सामग्री सहित किसी भी तरह की राहत उपलब्ध नहीं कराई गई है।
शताब्दी एक्सप्रेस सहित यहां एक करीब एक दर्जन रेलगाड़ियां रद्द की जा चुकी हैं और बाकी रेलगाड़ियां के परिचालन में 10 घंटे तक की देर हुई है। अंबाल छावनी, कुरुक्षेत्र और अन्य स्टेशनों पर हजारों यात्री रेलगाड़ियां शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
रेलवे अधिकारी खासकर अंबाला स्टेशन प्रशासन को यात्रियों की बदहाली से कोई लेना-देना नहीं है।
अंबाला के डिवीजनल मैनेजर वाई. पी. सिंह और दूसरे अधिकारियों से रेलगाड़ियों के समय के बारे में जानकारी लेने पहुंचे पत्रकारों से बदसलूकी भी की गई। पत्रकारों को कार्यालय से बाहर का रास्ता दिखाते हुए सिंह ने कहा "मेरे पास इस सब के लिए समय नहीं है।"
वहीं स्टेशन पर इंतजार कर रहे सैकड़ों यात्री रेलगाड़ियों के समय की कोई सूचना नहीं मिलने से बेहद निराश थे।
कुरुक्षेत्र के शांति नगर इलाके में रहने वाले अवतार सिंह ने आईएएनएस से कहा, "हमारे बच्चों ने कल (मंगलवार) से कुछ नहीं खाया है। यहां खाना उपलब्ध नहीं है बिस्किट तक नहीं मिल रहे।"
भारी बारिश के कारण घग्घर और तांगरी नदी में बाढ़ और सतलुज यमुना नहर के टूटने से इलाके में पानी भरने के कारण यहां मंगलवार शाम को सेना को मदद के लिए बुलाया गया था।
कई इलाकों में सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति व्यवस्था टूट गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग एक और 22 पर यातायात पूरी तरह से बाधित है।
चण्डीगढ़ से करीब 45 किलोमीटर दूर अंबाला में पिछले तीन दिनों में 550 मिलीमीटर बारिश हुई है। बुधवार सुबह से हालांकि अंबाला और कुरुक्षेत्र में बारिश नहीं हुई है।
अंबाला के उपायुक्त एस. पी. सरो ने कहा, "अंबाला में ज्यादातर इलाकों में तीन से चार फुट तक पानी भरा है, बिजली आपूर्ति व्यवस्था टूट गई है और जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।"
अंबाला में सेना और वायुसेना के अड्डों के ज्यादातर इलाकों में भी एक से दो फुट पानी भरा है।
अंबाला की निवासी सावित्री देवी ने कहा, "प्रशासन से कोई हमारी मदद के लिए नहीं आ रहा है। हमारे पास पीने तक के लिए पानी नहीं है, हमारे पूरे घर में पानी भर गया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications