कश्मीर : सुरक्षा बलों के खिलाफ प्रदर्शन में 2 की मौत (राउंडअप)
पुलिस के अनुसार सोमवार दोपहर सोपोर की ओर बढ़ रही एक भीड़ को सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के जवानों ने रोका तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों की कथित गोलीबारी में बारामूला के बाहरी इलाके देलिना में तारिक अहमद रतहर (20 वर्ष) की मौत हो गई।
सोपोर बारामूला से 14 किलोमीटर दूर है।
इससे पहले दिन में सोपोर में उग्र भीड़ के कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई कथित गोलीबारी में एक युवक मारा गया था। पुलिस ने बताया कि मारे गए युवक की पहचान तजामुल अहमद भट के रूप में की गई।
गत शुक्रवार को उग्र भीड़ द्वारा सीआरपीएफ के वाहन में आगजनी के बाद सुरक्षाकर्मियों की कथित गोलीबारी में दो युवकों के मारे जाने के बाद तनाव व्याप्त हो गया था। उसी दिन से सोपोर में कर्फ्यू लगा हुआ है।
रविवार शाम को भीड़ के कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर हुई गोलीबारी में भी एक युवक की मौत हुई थी।
पत्रकारों से बातचीत में श्रीवास्तव ने कहा कि उनके जवानों ने सोमवार को घाटी के किसी भी हिस्से में गोली नहीं चलाई। उन्होंने कहा, "संभवत: कुछ रबड़ की गोलियां चलाईं गईं।" उन्होंने कहा कि राज्य में सीआरपीएफ का काम कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए राज्य पुलिस का सहयोग करना है।
श्रीनगर में सोमवार सुबह करीब 10,000 प्रदर्शनकारियों ने श्रीनगर के पुराना शहर इलाके के विभिन्न हिस्सों से सोपोर की ओर बढ़ने का प्रयास किया।
जुलूस के लाल चौक से 12 किलोमीटर दूर श्रीनगर-मुजफ्फराबाद रोड पर ओमराबाद पहुंचने पर सुरक्षा बलों ने अवरोधक लगाकर, लाठीचार्ज, आंसू गैस और हवा में गोलियां चलाकर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस कार्रवाई में 10 लोग घायल हो गए। जिनमें से दो की हालत गंभीर है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अर्धसैनिक बलों की कथित फायरिंग में मरे दो लोगों की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी गुट के नेता मीरवाइज उमर फारुख ने सोपोर तक जुलूस निकालने का आह्वान किया था।
सोपोर कस्बे में अलगाववादी नेताओं के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए मीरवाइज उमर फारूक सहित कई अलगाववादी नेताओं को सोमवार को हिरासत में ले लिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फारूख को उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया है जबकि जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष यासिन मलिक को भी हिरासत में ले लिया गया है।
वरिष्ठ शिया नेता आगा सैयद हसन को भी मध्य बड़गाम जिले में स्थित उनके घर में नजरबंद कर दिया गया।
श्रीनगर में भारी संख्या में सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। श्रीनगर में दुकानें, औद्योगिक प्रतिष्ठान, स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं। किसी भी अलगाववादी संगठन ने बंद का एलान नहीं किया है। अधिकारियों ने इस इलाके में सोमवार और मंगलवार को स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्देश दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम अगले कुछ दिनों में जम्मू एवं कश्मीर का दौरा कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक चिदंबरम ने राज्य सरकार से कहा है कि वह सप्ताहांत में राज्य की स्थिति की समीक्षा करना चाहते हैं। पथराव कर रही भीड़ पर सुरक्षाबालों की गोलीबारी में कथित तौर पर छह युवकों की मौत हो जाने से घाटी में तनाव है।
राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री अली मोहम्मद सागा ने कुछ दिन पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर लगाम कसने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री से राज्य का दौरा करने की अपील की थी।
रविवार को फोन पर बातचीत में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी चिदंबरम से राज्य का दौरा करने को कहा था।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, "मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से फोन पर बात की और हाल में हुई आम नागरिकों की मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की।"
प्रवक्ता ने कहा, "चिदंबरम और अब्दुल्ला ने घाटी में जारी हिंसा पर तुरंत काबू पाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने राज्य में शांति और कानून व व्यवस्था की स्थिति बहाल करने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।"
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि चिदंबरम एक जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा प्रबंधों की भी समीक्षा करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications