अमरनाथ यात्रा की तैयारियां पूरी लेकिन श्रद्धालु चिंतित
बीनू जोशी
जम्मू, 26 जून (आईएएनएस)। अमरनाथ यात्रा की अवधि कम करने की अलगाववादी संगठनों की मांग और जम्मू एवं कश्मीर में लगातार बढ़ रही बंद की घटनाओं के चलते यात्रा के लिए पहुंच रहे हजारों हिंदू श्रद्धालुओं में अनिश्चितता और आशंका बढ़ रही है।
एक जुलाई से शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू पहुंच रहे श्रद्धालु इसकी तैयारियों को लेकर खुश हैं लेकिन उन्हें आशंका है कि कश्मीर के हालात कभी भी यात्रा में व्यवधान पैदा कर सकते हैं।
दक्षिण कश्मीर में 13,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में भगवान शिव के दर्शन करने के लिए यहां हजारों श्रद्धालु हर साल आते हैं।
जम्मू के सहदेव सिंह पिछले 12 साल से हर बार यहां की यात्रा करने आते हैं। वह इस बार भी यात्रा के लिए आवेदन करने वाले 1,70,000 श्रद्धालुओं में शामिल हैं।
सहदेव ने आईएएनएस से कहा, "इस बार घाटी के हालात चिंता पैदा कर रहे हैं, श्रद्धालुओं के आस-पास सुरक्षा बलों का भारी बंदोवस्त यात्रा का उत्साह कम हो जाता है।"
सहदेव का कहना है कि वह अपनी योजना बदलने पर विचार कर रहे हैं और हालात के बेहतर होने का इंतजार करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "मैं अपना पंजीकरण रद्द कराने और फिर कुछ दिनों बाद दोबारा आवेदन करने के बारे में सोच रहा हूं, इंतजार करना ही बेहतर रहेगा।"
राज्यपाल एवं श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष एन.एन. वोहरा ने श्रद्धालुओं को सुरक्षा व्यवस्था के प्रति आश्वस्त किया है।
पिछले सप्ताह वोहरा ने अपनी जम्मू यात्रा के दौरान कहा, "सेना, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और राज्य की पुलिस सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेगी। चिंता की कोई बात नहीं है।"
जम्मू के उप आयुक्त एम. के. द्विवेदी ने शुक्रवार को कहा, "हम यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।"
कट्टरपंथी उग्रवादी संगठन के नेता सैय्यद अली शाह गिलानी ने मांग की थी अमरनाथ यात्रा को मौजूदा दो महीने की अवधि से कम करके 15 दिन किया जाए। गिलानी ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो विरोध प्रदर्शन बढ़ाए जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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