पच्चीस साल बाद ख़त्म हुआ मौत का इंतज़ार

वर्ष 1976 के बाद रॉनी ली अमरीका में ऐसे तीसरे व्यक्ति बन गए जिन्हें गोली मार कर सज़ा दी गई. रॉनी पर 1985 में हत्या के एक अन्य मुक़दमे के दौरान एक अदालत से भागने के प्रयास के दौरान एक वकील की गोली मार कर जान लेने का आरोप था. सॉल्ट लेक सिटी के उपनगर ड्रेपर की एक जेल में पाँच लोगों के दस्ते ने रॉनी ली गार्डनर पर गोलियाँ चलाईं.
इनमें से चार राइफ़िलों में गोलियाँ थीं और एक ख़ाली रखी गई थी ताकि ये व्यक्ति बाद में इस अपराध भावना का सामना न करें कि हो सकता है उनकी गोली से किसी की जान गई हो. गार्डनर के चेहरे पर नक़ाब चढ़ाया गया और उन्हें काले रंग की एक कुर्सी पर बिठा कर उनकी छाती पर सफ़ेद निशाना लगा दिया गया.
स्थानीय समय के अनुसार रात 12 बज कर 20 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. यूटा के अटॉर्नी जनरल ने कहा, ईश्वर उस पर दया करे जो उसने उन लोगों पर नहीं दिखाई जिनको उसने मारा. गार्डनर के परिवार के 20 से ज़्यादा सदस्य जेल के बाहर प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए थे. कुछ की टीशर्ट पर गार्डरन का क़ैदी नंबर 14873 छपा था. लेकिन उनमें से किसी ने उसे मारे जाते नहीं देखा.
रॉनी के भाई रैंडी ने समाचार एजेंसी एपी से कहा, "वह नहीं चाहता था कि कोई उसे गोली खाता देखे. मैं ऐसे समय में उसके पास होना चाहता था". रॉनी ली ने अपना अंतिम समय फ़िल्म लॉर्ड ऑफ़ दी रिंग्स के तीनों हिस्से देखते हुए और अपने वकीलों और पादरियों से मिलने में बिताया. मंगलवार को उसने अपना अंतिम भोजन किया-स्टेक, केकड़े, ऐप्पल पाई, वनीला आईसक्रीम और सेवेन-अप. उसके बाद उसने 'आध्यात्मकि कारणों से' 48 घंटे का व्रत शुरू कर दिया.
सज़ा में इस विलंब का कारण लगातार अपीलों पर सुनवाई थी लेकिन अंतिम अपील रॉनी को मारे जाने के कुछ घंटे पहले ही ख़ारिज कर दी गई थी. राज्य में अब मौत की सज़ा ज़हरीला इंजेक्शन लगा कर दी जाती है. लेकिन 2004 से पहले क़ैद किए गए अपराधी अपनी मौत के तरीक़ा का स्वयं चयन कर सकते हैं.












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