किर्गिस्तान हिंसा : भारतीयों को टिकट मुहैया करा रही है सरकार (लीड-1)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने कहा, " हिंसाग्रस्त इलाकों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए सरकार चिंतित है।"
उन्होंने कहा, "विशेष विमान से सभी भारतीय छात्रों को हिंसा ग्रस्त क्षेत्रों से निकाला जा चुका है और वे बिश्केक पहुंच चुके हैं।"
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किर्गिस्तान के हिंसाग्रस्त इलाकों में पहले 116 भारतीय छात्रों के फंसे होने का अनुमान लगाया गया था जो कि सही नहीं है, वहां फंसे 105 छात्रों को सुरक्षित राजधानी बिश्केक पहुंचाया गया है।
किर्गिस्तान के दक्षिणी हिस्से में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 179 लोग मारे जा चुके हैं जबकि 1600 से अधिक घायल हुए हैं।
बिश्केक पहुंचे कुछ छात्रों ने शिकायत की थी कि भारतीय दूतावास के अधिकारी उनसे कठोर व्यवहार कर रहे हैं। एक पत्रकार से उन्होंने कहा कि उन्हें यहां लाए जाने के बाद उन्हें सोने के लिए भी जगह नहीं दी गई है।
विदश मंत्रालय ने कहा, "उनके रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। ये व्यवस्थाएं किर्गिस्तान के अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में की गई हैं।"
अधिकारियों ने कहा कि दूतावास की प्रक्रिया के अनुरूप ऐसे छात्रों को टिकट खरीदने का प्रस्ताव दिया गया है जो तात्कालिक रूप से आर्थिक परेशानी में हैं।
उन्होंने कहा, "यहां की सरकार के नियमों के मुताबिक दूतावास उन्हें आपात सर्टिफिकेट के आधार पर पासपोर्ट और हवाई टिकट मुहैया करा रहा है।"
प्रवक्ता ने कहा कि व्यावसायिक और चार्टर उड़ानें सामान्य रूप से चल रही हैं और भारतीय दूतावास छात्रों को यात्रा के संबंध में सभी तरह की सहायता उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने कहा, "कुछ छात्र बिश्केक में ही रुकना चाहते हैं जबकि कुछ छात्र गर्मी की छुट्टियों में भारत वापस आना चाहते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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