नौका हादसा : मरने वालों की संख्या 55 हुई
जिले के अपर पुलिस अधीक्षक बद्री नाथ तिवारी ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया कि राहत व बचाव दल द्वारा मंगलवार सुबह आठ शव पानी से निकाले गए। इससे पहले सोमवार रात तक 47 शव निकाले गए थे। कई लोग अभी तक लापता हैं। मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। मरने वाले 55 लोगों में से 17 पुरुष, 17 महिलाएं, 21 बच्चे (13 लड़कियां, 8 लड़के) शामिल हैं।
यह दुर्घटना सोमवार सुबह दुबहट थाना क्षेत्र के उजौलिया घाट पर उस समय हुई जब अलग-अलग परिवारों के 65 से ज्यादा लोगों को ले जा रही एक नाव गंगा नदी में डूब गई। पुलिस के मुताबिक पास के नसीराबाद और हिरहरपुर गांवों के लोग नाव पर सवार होकर मुंडन संस्कार कराने के लिए जा रहे थे।
जिला प्रशासन का मानना है कि है कि घटना के समय नाव में करीब 65 लोग सवार थे, लेकिन सही संख्या की अभी जानकारी नहीं मिल पाई है। जिलाधिकारी सेंथिल पांडियन ने संवाददाताओं को बताया कि यह आकलन मात्र है कि नाव में तकरीबन 65 लोग सवार थे।
पुलिस हादसे की वजह नाव में क्षमता से ज्यादा लोगों का सवार होना मान रही है। दुबहट थाना प्रभारी एस.एन. यादव ने संवाददाताओं को बताया कि प्रथम दृष्टया हादसे का कारण नाव में क्षमता से ज्यादा लोगों का सवार होना प्रतीत हो रहा है। नाव की क्षमता करीब 30 लोगों की थी और उस पर 60 से ज्यादा लोग सवार थे।
इस हादसे में बाल-बाल बचे राम सुमेर ने संवाददाताओं को बताया कि नाव बहुत जर्जर थी और उसमें क्षमता से अधिक लोग सवार हो गये थे। इसकी वजह से वह बीच धारा में अचानक पलट गई। मुख्यमंत्री मायावती की तरफ से मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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